नई दिल्ली: दिल्ली के शाहीन बाग में शनिवार को गोलियां चलाने वाले युवक कपिल गुज्जर के परिवार के सदस्यों ने कहा है कि वह कट्टरपंथी नहीं है बल्कि एक सामान्य लड़का है और वह वहां प्रदर्शन के चलते सड़क बंद रहने को लेकर ज्यादा चलने से परेशान था. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

कपिल ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोध का केंद्र बने यहां शाहीन बाग में हवा में दो गोलियां चलाई. हालांकि, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ. वह दिल्ली उत्तर प्रदेश सीमा पर दल्लूपुरा गांव में डेयरी का धंधा करता है. शाहीन बाग में CAA विरोधी प्रदर्शन के चलते दक्षिण दिल्ली को शाहीन बाग से जोड़ने वाला एक मुख्य मार्ग एक महीने से भी अधिक समय से बाधित है. Also Read - VIDEO: राहुल गांधी ने कहा- 'हम दो-हमारे दो' अच्छी तरह सुन लें, असम को कोई नहीं बांट पाएगा, CAA नहीं होगा

कपिल (25) के चाचा फतेह सिंह ने कहा कि सामान्य दिनों में बदरपुर डेयरी पहुंचने में दो घंटे लगता है. उसे 10 किलोमीटर सफर करना पड़ता था. लेकिन प्रदर्शन के चलते उसे 35 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी और वह एक बजे रात को घर पहुंचता था. उन्होंने कहा कि वह इससे आजिज आ गया था लेकिन इतना भी नहीं कि वह कुछ ऐसा कर जाता. Also Read - अमित शाह का बड़ा बयान, कोविड-19 टीकाकरण समाप्त होने के बाद लागू किया जाएगा CAA

उन्होंने कहा कि इस परिवार का दल्लूपुरा में एक छोटी और बदरपुर में एक बड़ी डेयरी है और कालिंदीकुंज में रोड नंबर 13 के बंद रहने से धंधा प्रभावित हो रहा था. परिवार के सदस्यों ने बताया कि कपिल रिपोर्टर बनना चाहता था.लेकिन उसने बीच में ही कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और डेयरी के धंधे में लग गया. उन्होंने बताया कि वसंधुरा के एक स्थानीय स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने दिल्ली के आईएमएस कॉलेज में मीडिया कोर्स के लिए दाखिला लिया था.