नई दिल्ली: दिल्ली के शाहीन बाग में शनिवार को गोलियां चलाने वाले युवक कपिल गुज्जर के परिवार के सदस्यों ने कहा है कि वह कट्टरपंथी नहीं है बल्कि एक सामान्य लड़का है और वह वहां प्रदर्शन के चलते सड़क बंद रहने को लेकर ज्यादा चलने से परेशान था.Also Read - CAA को लेकर Amit Shah का बड़ा बयान, कहा कोरोना खत्म होते ही नागरिकता संसोधन बिल करेंगे लागू | Watch Video

कपिल ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोध का केंद्र बने यहां शाहीन बाग में हवा में दो गोलियां चलाई. हालांकि, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ. वह दिल्ली उत्तर प्रदेश सीमा पर दल्लूपुरा गांव में डेयरी का धंधा करता है. शाहीन बाग में CAA विरोधी प्रदर्शन के चलते दक्षिण दिल्ली को शाहीन बाग से जोड़ने वाला एक मुख्य मार्ग एक महीने से भी अधिक समय से बाधित है. Also Read - बंगाल में अमित शाह का बड़ा ऐलान- कोरोना खत्म होने के बाद लागू करेंगे नागरिकता कानून; 'दीदी' पर बोला हमला

कपिल (25) के चाचा फतेह सिंह ने कहा कि सामान्य दिनों में बदरपुर डेयरी पहुंचने में दो घंटे लगता है. उसे 10 किलोमीटर सफर करना पड़ता था. लेकिन प्रदर्शन के चलते उसे 35 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी और वह एक बजे रात को घर पहुंचता था. उन्होंने कहा कि वह इससे आजिज आ गया था लेकिन इतना भी नहीं कि वह कुछ ऐसा कर जाता. Also Read - उमर खालिद का भाषण ''अपने आप में आपत्तिजनक'' था और प्रथम दृष्टया स्वीकार्य नहीं है: दिल्‍ली हाईकोर्ट

उन्होंने कहा कि इस परिवार का दल्लूपुरा में एक छोटी और बदरपुर में एक बड़ी डेयरी है और कालिंदीकुंज में रोड नंबर 13 के बंद रहने से धंधा प्रभावित हो रहा था. परिवार के सदस्यों ने बताया कि कपिल रिपोर्टर बनना चाहता था.लेकिन उसने बीच में ही कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और डेयरी के धंधे में लग गया. उन्होंने बताया कि वसंधुरा के एक स्थानीय स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने दिल्ली के आईएमएस कॉलेज में मीडिया कोर्स के लिए दाखिला लिया था.