नई दिल्ली: शाहीनबाग में रविवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठे हुए. दोपहर दो बजे वे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने उनके आवास की ओर कूच करने वाले थे, लेकिन पुलिस प्रशासन से इजाजत न मिलने पर उन्होंने मार्च नहीं निकाला. शाहीनबाग में अर्धसैनिक बल और क्यूआरटी टीम तैनात है. इजाजत नहीं मिलने पर शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों ने कानून हाथ में न लेने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते रहने का का फैसला लिया. प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर स्वयंसेवियों ने भीड़ को काबू में रखने के कलए अपनी तरफ से पूरी तैयारी की थी. उन्होंने रस्सियों और वहां रखी बैरिकेडों का भी सहारा लिया था. Also Read - Covid-19: गृह मंत्री अमित शाह से लेकर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ तक, इन राज नेताओं ने जलाए दीये

शाहीनबाग की तरफ से पुलिस प्रशासन से बात करने के लिए ‘दबंग दादियों’ को चुना गया और इसकी जानकारी वहां मौजूद महिलाओं ने ऐलान करके दिया. उन्होंने कहा, “हमारी तरफ से दादियां जाएंगी, जिनमें सरवरी दादी और बिल्किस दादी शामिल हैं. कुछ और बुजुर्ग लोग भी जाएंगे.” Also Read - Covid-19 Fight: कोरोना से लड़ने के लिए केंद्र सरकार का एक और बड़ा कदम, गठित हुईं 11 टीमें

इजाजत न मिलने पर सरवरी दादी ने आईएएनएस से कहा, “हमें इजाजत नहीं मिली तो कोई बात नहीं, हम यहीं शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे, ये देश का सवाल है, संविधान बचाने की लड़ाई है.” Also Read - शाहीनबाग: फर्नीचर की दुकान में लगी आग, मौके पर पहुंचे दमकलकर्मी, कोई हताहत नहीं

इससे पहले, शाहीनबाग में मौजूद लोगों ने एक मानव श्रंखला बनाई और दूसरी ओर खड़े डीसीपी आर.पी. मीणा और एडिशनल डीसीपी कुमार ज्ञानेश से दादियों की मुलाकात कराई गई. दादियों ने जब मार्च निकालने की इजाजत के बारे में पूछा और वहां मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा, “हमने आपकी चिट्ठी आगे बढ़ा दी है, जब हमें इजाजत के बाबत जानकारी मिल मिल जाएगी तो आपको बता देंगे.”

एडिशनल डीसीपी कुमार ज्ञानेश ने आईएएनएस से मीडिया से कहा, “हमने एप्लिकेशन आगे बढ़ा दिया है, अभी वह प्रोसेस में है. जब इजाजत मिलेगी तो इन लोगों को सुरक्षा के साथ ले जाएंगे.” आखिरकार इजाजत नहीं मिली. तब प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से शाीनबाग में अपनी जगह जाकर बैठ गए.

(इनपुट आईएएनएस)