जम्मू कश्मीर : सांबा सेक्टर में सेना की ओर से शुरू ”सांबा सुपर 40 प्रोजेक्ट” में कोचिंग ले रही एक शहीद की बेटी रोशनी देवी आगामी सेवा चयन बोर्ड ( एसएसबी ) परीक्षा में सफल होने और सशस्त्र बलों में कमीशन्ड ऑफिसर बनने की उम्मीद रखती हैं. सीडीएस और एएफसीएटी परिक्षाओं में सफल होने के बाद देवी सहित 7 छात्र सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं.
एसएसबी की तैयारी कर रहे छात्रों ने राष्ट्र की सेवा करने के लिये उनके सपनों को साकार करने में मदद करने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधा और कोचिंग मुहैया कराने पर सेना को धन्यवाद दिया.ये छात्र पिछले छह महीनों से अधिक समय से कोचिंग ले रहे हैं.
संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा और एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (एएफसीएटी) में अपनी सफलता से ये छात्र उत्साहित हैं और एसएसबी में अपना प्रदर्शन दोहराने की उम्मीद रखते हैं. इन सात छात्रों में से रोशनी देवी सहित चार ने मार्च में घोषित सीडीएस परीक्षा परिणाम में सफलता हासिल की जबकि तीन ने एएफसीएटी की परीक्षा में कामयाबी हासिल की.

सेना की इस मुहिम से सांबा के लोगों और सेना के बीच रिश्तों को मजबूती मिली
लेफ्टिनेंट कर्नल आनंद ने बताया कि इस पहल ने न केवल युवाओं को प्रतियोगिता के लिए खुद को तैयार करने और सशस्त्र बलों में शामिल होने के उनके सपनों को साकार करने में मदद की है बल्कि सेना और सांबा के लोगों के बीच रिश्तों को भी मजबूत किया है. पिछले साल सांबा के आर्मी पब्लिक स्कूल में आयोजित तीन स्तरीय जांच परीक्षाओं के बाद ‘ सांबा सुपर 40 प्रोजेक्ट ’ के लिए 40 छात्रों का चयन किया गया था. ये सात छात्र उनमें शामिल हैं.
देवी के अनुसार – सेना में शामिल होने का उनका बचपन से ही सपना था क्योंकि उनके पिता विजय कुमार ने जून 2015 में देश की रक्षा के लिए मणिपुर में एक उग्रवादी हमले के दौरान शहादत पाई थी. मणिपुर के चंदेल जिले में सेना के एक काफिले पर उग्रवादियों द्वारा घात लगा कर हमला किया गया था इस हमले में रोशनी देवी के पिता विजय कुमार सहित सेना के 18 जवान शहीद हो गये थे.
(इनपुट एजेंसी)