आंध्रप्रदेश के ओंगोल के एक सरकारी अस्पताल द राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में अस्पताल की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. अस्पताल के बाहर एक व्यक्ति के शव को कुत्ते नोच-नोचकर खा रहे थे और उसके शरीर से कान गायब था और चेहरे पर कुत्तों के नोचने के निशान थे.Also Read - अमेरिका में कोविड-19 सम्मेलन: PM मोदी ने कहा- भारत में 20 करोड़ लोगों का पूरी तरह टीकाकरण हुआ, दुनिया की मदद भी की

यह घटना सोमवार की है, जहां ओंगोल स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के परिसर में आश्रितों के लिए बनाए गए शेल्टर में  एक मृत व्यक्ति का शव लावारिस पड़ा हुआ मिला,जिसमें से शव का कान गायब था और चेहरे पर गहरे जख्म के निशान थे. न्यूज मिनट के अनुसार सोमवार को अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारियों ने देखा कि आवारा कुत्ते शव को खा रहे थे. उन्होंने कुत्तों को भगाया था. Also Read - कोविशील्ड को मान्यता नहीं: भारत ने ब्रिटेन को चेताया, कहा- हम भी उठा सकते हैं ऐसा ही कदम

शव के बारे में बाद में पता चला कि मृतक का नाम कांता राव था, उसकी मौत हो गई थी और उसकी मौत के बाद रिश्तेदारों ने रिम्स अस्पताल पर  चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध किया था. परिजनों का कहना था कि कांता राव की तबियत खराब थी और उसे अस्पताल ने एडमिट नहीं किया और भगा दिया, जिससे कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई. Also Read - UP Unlock News: यूपी में बदले कोरोना से जुड़े नियम, कार्यक्रम कराने से पहले ज़रूर जान लें

परिजनों के दावे के बारे में, अस्पताल के अधीक्षक  ने कहा कि उन्होंने यह पता लगाने के लिए एक जांच शुरू की है कि क्या कांता राव को अस्पताल में भर्ती होने से मना किया गया था, या अगर उन्होंने इलाज से इनकार कर दिया और अस्पताल परिसर में शरण ली थी. अस्पताल  रिकॉर्ड्स में कांता राव को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया था। इन-पेशेंट या आउट पेशेंट के रूप में उसका कोई रिकॉर्ड नहीं है.

वहीं परिवार के लोग कह रहे हैं कि कोरोनोवायरस टेस्ट रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें 5 अगस्त को एम्बुलेंस में अस्पताल लाया गया था.लेकिन वह पुरानी कैंटीन के शेड में रह रहा था, जो आमतौर पर बेघर लोगों के कब्जे में है, इसलिए अस्पताल में किसी ने भी उसे एडमिट नहीं किया.

पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना का वीडियो साझा किया है और लिखा है, ” यह दिल दहलाने  वाला है! ओंगोल जीजीएच में 2 दिनों तक एक मरीज का शव पड़ा रहा, जहां कुत्तों ने मृतक के शरीर को खा लिया. यह वीडियो पूरी तरह से आंध्रप्रदेश सरकार की प्रशासनिक विफलता दिखा रहा है”