भुवनेश्वर/पुरी: ओडिशा में पुरी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के खजाने की चाभी गायब हो गई है. इस बात का पता दो महीने बाद चला है. इसको लेकर पुरी के शंकराचार्य और राज्य में विपक्षी दल बीजेपी ने इस घटना पर विरोध जताया है. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य रामचंद्र दास महापात्रा ने बताया कि समिति की चार अप्रैल को हुई बैठक में यह बात बताई गई थी कि रत्न भंडार के आंतरिक कक्ष की चाभी गायब हो गई है.Also Read - Jagannath Temple Opening Update: इस तिथि से खुल रहा है पुरी का जगन्नाथ मंदिर, जानें दर्शन करने के क्या होंगे नियम

पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने रविवार को इस घटना के लिए ओडिशा सरकार की आलोचना की. वहीं, बीजेपी ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से इस घटना पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है. शंकराचार्य ने कहा कि यह घटना बताती है कि राज्य सरकार और मंदिर प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में नाकाम रही. Also Read - Jagannath Puri Rath Yatra 2021 Live: पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आज, कर्फ्यू के बीच बिना श्रद्धालुओं के हो रही शुरू

राज्य में बीजेपी के प्रवक्ता पीतांबर आचार्य ने बताया,” मुख्यमंत्री को इसके लिए स्पष्टीकरण देना चाहिए कि चाभी कैसे गायब हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.” Also Read - Ahmedabad`s Jagannath Rath Yatra Live: भगवान जगन्‍नाथ की रथयात्रा निकली, देखें यहां

ओडिशा हाई कोर्ट के आदेश के बाद रत्न भंडार कक्ष में चार अप्रैल को कड़ी सुरक्षा के बीच 16 सदस्यों वाली एक टीम ने 34 साल के बाद यहां जांच के लिए प्रवेश किया था. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि जांच टीम के सदस्यों को आंतरिक कक्ष में प्रवेश करने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि यह बाहर से एक लोहे के ग्रील के माध्यम से दिखता है.

मंदिर प्रबंधन समिति सदस्य दास महापात्र ने बताया कि न तो मंदिर प्रशासन और न ही पुरी जिला कोषागार के पास आंतरिक कक्ष की चाभी है. इस बात का पता दो महीने बाद चला है. बता दें कि ओडिशा हाई कोर्ट 2016 से मंदिर में एएसआई द्वारा हो रहे पुनरुद्धार कार्य पर निगरानी रख रहा है.

– फरवरी 2011 में पुरी के जगन्नाथ मंदिर के सामने बने मठ में खजाना मिला था
– 35 से 40 किलो वजनी चांदी की 522 ब्रिक्स
-लकड़ी के 4 बॉक्स में ये 18 टन चांदी थी


– इसकी मार्केट वैल्यू करीब उस समय 80 करोड़ रुपए थी (इनपुट- एजेंसी)