नई दिल्ली: टूलकिट केस में दिशा रवि को जमानत मिल गई है. पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दे दी है. एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है. इसके बाद अब इस मामले में अन्य आरोपी शांतनु मुलुक ने भी अग्रिम जमानत मांगी है. दिल्ली की एक अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है. इस मामले में मुलुक के अलावा जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि और निकिता जैकब भी आरोपी हैं. बॉम्बे हाईकोर्ट ने 16 फरवरी को उन्हें 10 दिनों के लिए ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी.Also Read - Toolkit Case: दिल्‍ली पुलिस ने Twitter India के एमडी से विवादास्‍पद टूलकिट केस में की पूछताछ!

जैकब और मुलुक सोमवार को द्वारका में दिल्ली पुलिस के साइबर सेल कार्यालय में जांच में शामिल हुए. पिछले हफ्ते उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया था. सोमवार को द्वारका में दिल्ली पुलिस के साइबर सेल कार्यालय में जांच के दौरान उन्हें आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई. Also Read - भारत सरकार के इशारे पर ट्विटर के खिलाफ दर्ज नहीं की गई FIR, दिल्ली पुलिस का बयान

दिल्ली पुलिस ने दलील दी है कि किसानों के विरोध को समर्थन देने के लिए स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग द्वारा ट्वीट किए गए गूगल दस्तावेज को दिशा रवि और दो अन्य कार्यकर्ताओं – जैकब और मुलुक द्वारा बनाया गया था. हालांकि, बाद में ग्रेटा ने इसे डिलीट कर दिया था. Also Read - Toolkit Case: दिल्ली पुलिस ने किया इनकार, कहा- ट्विटर के दफ्तर में केवल नोटिस देने गए थे, छापेमारी करने नहीं

‘टूलकिट’ दिशानिर्देशों की एक श्रृंखला है जो यह बताता है कि किसी विशेष उद्देश्य को कैसे प्राप्त किया जा सकता है. टूलकिट विषयों की व्याख्या करने वाली कार्ययोजनाओं का चार्ट तैयार करता है और उन सुझावों को प्रस्तुत करता है, जिनका पालन करके विशेष लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं.