नई दिल्ली: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर चर्चा जारी है. उन्होंने कहा कि पहले दोनों पार्टियां अपने-अपने नेताओं विश्वास में ले रही हैं. शरद पवार ने सोमवार शाम को सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की. पवार ने मुलाकात के बाद कहा, “हमने महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की. मैंने उसे इस पर उन्हें जानकारी दी. श्री एके एंटनी भी मीटिंग में थे. दोनों (कांग्रेस-राकांपा) दलों के कुछ नेता मिलेंगे और आगे चर्चा करेंगे और फिर वे हमें जानकारी देंगे.”

इस सवाल के जवाब में कि क्या सोनिया गांधी शिवसेना के साथ सरकार बनाने का विरोध कर रही हैं? शरद पवार ने कहा, “हमारी बैठक में सरकार गठन की कोई बात नहीं हुई, यह बैठक कांग्रेस और एनसीपी के बारे में चर्चा करने को लेकर थी।”

जैसे ही दोनों नेताओं की मुलाकात हुई, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर कहा, “महाराष्ट्र की स्थिति को लेकर श्री शरद पवार आज कांग्रेस अध्यक्ष से मिले और उन्हें महाराष्ट्र की स्थिति की जानकारी दी. यह तय हुआ कि एक या दो दिन के बाद कांग्रेस और राकांपा के प्रतिनिधि आगे की स्थिति को लेकर चर्चा करने के लिए दिल्ली में मिलेंगे.” सूत्रों ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बैठक हुई. महाराष्ट्र सरकार के गठन पर विचार-विमर्श बैठक का केंद्र बिंदु रहा.

शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा द्वारा सरकार बनाने को लेकर आम सहमति नहीं बन पाने के बीच यह बैठक हुई. दिलचस्प बात यह है कि राकांपा और कांग्रेस, शिवसेना से सरकार को लेकर बात कर रही हैं लेकिन इसी बीच शरद पवार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और अब उन्हें अपने रास्ते चुनने होंगे.

21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनावों को भाजपा-शिवसेना के गठबंधन ने साथ मिलकर लड़ा था.

बता दें कि मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच चली खींचतान के बाद राकांपा, शिवसेना के साथ संभावित गठबंधन के लिए अपनी सहयोगी कांग्रेस के साथ बात कर रही है. किसी भी पार्टी या गठबंधन के सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करने के बाद महाराष्ट्र में 12 नवम्बर को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. भाजपा के साथ अपना गठबंधन टूटने के बाद शिवसेना समर्थन के लिए कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के पास गई थी. भगवा गठबंधन ने 288 सदस्यीय विधानसभा में क्रमश: 105 और 56 सीटें जीतने के बाद आसानी से बहुमत हासिल कर लिया था. कांग्रेस और राकांपा ने क्रमश: 44 और 54 सीटों पर जीत दर्ज की थी.