नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर चल रही रस्साकशी के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और आगे विकल्पों को खुला रखते हुए कहा कि जनादेश उनके गठबंधन के पक्ष में नहीं है लेकिन पता नहीं भविष्य में क्या होगा. पवार ने यह भी कहा कि कांग्रेस-राकांपा गठबधंन को विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है और सरकार बनाने की जिम्मेदारी भाजपा और उसके सहयोगी दलों की है.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वह जल्द ही सोनिया से फिर मुलाकात करेंगे और उनसे राज्य के राजनीतिक हालात के बारे में चर्चा करेंगे. यह पूछे जाने पर कि क्या वह एक बार फिर से महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘नहीं.’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है, लेकिन पता नहीं आगे क्या होगा. आगे देखते हैं.’’

यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा एवं शिवसेना के बीच ‘बार्गेनिंग गेम’ चल रहा है तो उन्होंने कहा कि यह ‘बार्गेनिंग गेम’ नहीं, बल्कि ‘सीरियस गेम’ है. शिवसेना के साथ बातचीत के सवाल पर राकांपा प्रमुख ने कहा कि कोई बातचीत नहीं हुई है और शिवसेना की तरफ से कोई प्रस्ताव भी नहीं आया है. संजय राउत से अपनी मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, ‘‘वह राज्यसभा में है. हमारी मुलाकात होती रहती है.’’

हाल में हुए विधानसभा चुनावों में 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 105 सीटें मिलीं, जबकि शिवसेना के खाते में 56 सीटें आयी हैं. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी राज्य में ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद और 50:50 के अनुपात में मंत्रालयों का बंटवारा चाहती है. भाजपा ने ये दोनों ही मांगें खारिज कर दी हैं और उसका कहना है कि देवेंद्र फडणवीस फिर से अगले पांच साल तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे.

(इनपुट भाषा)