नई दिल्‍ली: राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन के कारण आपके तत्‍काल हस्‍तक्षेप के सबसे ज्‍यादा जरूरत है. मैं आपका आभारी रहूंगा यदि संकटग्रस्त किसानों के दुखों को दूर करने के लिए आप तत्‍काल बड़ी राहत के कदम उठाते हैं. ये मजमून है महाराष्‍ट्र के दिग्‍गज मराठा नेता एनसीपी प्रमुख शरद पवार के उस पत्र को जो उन्‍होंने पीएम नरेंद्र मोदी को सौंपा है. एनसीपी प्रमुख पवार ने बुधवार को दोपहर लगभग 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महाराष्‍ट्र के किसानों के मुद्दे पर एक मीटिंग की.

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पीएम को दिए पत्र में कहा, मैंने दो जिलों से फसल नुकसान का डाटा एकत्र‍ित किया है, लेकिन मराठवाड़ा और विदर्भ समेत पूरे महाराष्‍ट्र में भारी बारिश से नुकसान हुआ है. मैं इस संबंध में विस्‍तृत जानकारी एकत्र‍ित कर रहा हूं, जो आपको जल्‍द ही भेज दी जाएगी.

पवार ने तीन पृष्ठों के एक ज्ञापन में कहा कि नासिक जिले में सोयाबीन, धान, मक्का, बाजरा और टमाटर, प्याज जैसी सब्जियों की फसलें अंतिम चरण में थीं, लेकिन बेमौसम भारी बारिश से वे पूरी तरह बर्बाद हो गईं हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 10 महीनों में नासिक के 44 किसानों ने आत्महत्या की है.

बता दें कि एनसीपी प्रमुख की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज ऐसे दौर में मुलाकात हुई है, जब महाराष्‍ट्र में शिवसेना विरोधी पार्टी एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश में जुटी हुई है.  शिवसेना नेता संजय राउत ने बुधवार को विश्वास जताया कि राज्य में अगले महीने तक उनकी पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनेगी.

राउत ने कहा, महाराष्‍ट्र में सरकार के गठन में जो पिछले 10-15 दिन में बाधाएं थीं, अब और नहीं हैं. कल आपको 12 बजे पता चलेगा कि सभी बाधाएं खत्‍म हो गईं हैं. कल दोपहर बाद तस्‍वीर साफ हो जाएगी. राउत ने कहा कि सरकार बनाने की प्रक्र‍िया अगले पांच-छह दिन में पूरी हो जाएगी और एक लोकप्रिय और मजबूत सरकार का गठन दिसंबर से पहले महाराष्‍ट्र में हो जाएगा. प्रक्रिया चल रही है.

पीएम से पवार की मुलाकात पर राउत ने कहा, क्‍या प्रधानमंत्री से अगर कोई नेता मिलता है तो खिचड़ी ही पकती है क्‍या? पीएम पूरे देश के लिए हैं. महाराष्‍ट्र में किसान समस्‍याएं झेल रहे हैं. पवार साहब और उद्धव साहब हमेशा किसानों के बारे में सोचते हैं.