नई दिल्ली| जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) पार्टी से बगावत करने वाले नेता शरद यादव और अली अनवर दोनों नेताओं की राज्यसभा से सदस्यता समाप्त कर दी गई है. जेडीयू ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय के पास शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने दोनों नेताओं की सदस्यता समाप्त करने का फैसला लिया.

राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह ने राज्यसभा के सभापति के समक्ष शरद यादव और अली अनवर की सदस्यता खत्म करने को लेकर आवेदन दिया था. जेडीयू के महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के साथ सरकार बनाने के बाद से ही शरद यादव बागी तेवर अपनाए हुए थे. वह जेडीयू नेताओं के मना करने के बाद भी पटना में हुई लालू की ‘बीजेपी भगाओ, देश बचाओ’ रैली में शामिल हुए थे और मंच से नीतीश कुमार पर हमला बोला था.

जेडीयू नेता के.सी. त्यागी ने कहा था कि लालू की रैली में शामिल होकर उन्होंने पार्टी विरोधी गतिविधि को अंजाम दिया है और यह दलबदल कानून का सीधा उल्लंघन है. राज्यसभा की सदस्यता जाना शरद यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

ज्ञात हो कि इससे पहले शरद गुट को चुनाव आयोग से भी झटका लगा था, जब चुनाव चिन्ह ‘तीर’ पर दावेदारी को लेकर आयोग ने उनकी याचिका को निरस्त करते हुए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जेडीयू के पक्ष में फैसला सुनाया था. चुनाव आयोग के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट में भी शरद यादव और उनके समर्थकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया था.