जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव बेटियों पर शर्मनाम बयान देकर फिर विवादों में आ गए हैं । महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए शरद यादव बोले की वोट की कीमत बेटी की इज्जत से कई कढ़कर है। उन्होंने कहा कि बेटी की इज्जत गई तो सिर्फ मोहल्‍ले और गांव की ही इज्‍जत जाएगी लेकिन वोट बिक गया तो देश की इज्‍जत चली जाएगी। ये पहला मौका नहीं जब शरद यादव ने महिलाओं पर भद्दी टिप्पणी की हों, बल्कि इससे पहले भी वह महिलाओं पर गंदे कमेंट्स कर चुके हैं ।

शरद यादव के महिलाओं पर विवादित बयान:

दक्षिण महिलाओं के रंग- रूप को लेकर टिप्पणी
शरद यादव ने राज्यसभा में बीमा विधेयक की चर्चा के दौरान कहा था कि दक्षिण भारत की महिलाएं सांवली जरूर होती हैं, लेकिन उनका शरीर खूबसूरत होता है, उनकी त्वचा सुंदर होती है, वे नाचना भी जानती हैं। उन्होंने कहा, भारतीय लोग गोरी चमड़ी के आगे किस तरह सरेंडर करते हैं, यह निर्भया पर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली लेस्ली अडविन के किस्से से पता चलता है।

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मैं जानता हूं आप क्या है ?
महिलाओं के खिलाफ बयानबाजी पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कड़ी आपत्ति जताई थी तो शरद यादव ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि मैं जानता हूं, कि आप क्या हैं.

आरक्षण विधेयक संसद में पेश करते हुए महिलाओं को ‘परकटी’ कहा
इससे पहले सन 1997 में महिला आरक्षण विधेयक जब पहली बार संसद में पेश किया गया था तब शरद यादव ने कहा था कि इस विधेयक के जरिये क्या आप ‘परकटी महिलाओं’ को सदन में लाना चाहते हैं। उनकी इस टिप्पणी पर महिला संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था और आखिरकार शरद यादव को माफी मांगने पर मजबूर होना पड़ा था।

दिल्ली गैंगरेप पर भद्दा बयान
दिल्ली के 16 दिसंबर गैंगरेप कांड की पीड़ित निर्भया पर डाक्यूमेंट्री बनाने वाली लेस्ली अडविन पर भी शरद यादव ने भद्दी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, “अडविन की डाक्यूमेंट्री को भारत में दिखाने की इजाजत उनकी गोरी चमड़ी की वजह से मिली।

कांवड़ियों के लिए भी दिया बयान
महिलाओं के खिलाफ अभद्र बयान के साथ ही शरद यादव ने कावंड़ियों को लेकर भी विवादित बयान दिया था, उन्होंने कहा था कि कांवड़ियों के पास कोई काम-धंधा नहीं है इसलिए वे हरिद्वार जाते हैं।