Also Read - पश्चिम बंगाल के स्कूलों में 'ग्रुप डी' कर्मियों की भर्ती की CBI जांच के आदेश पर कलकत्ता हाईकोर्ट की रोक

कोलकाता, 17 जनवरी | केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में शारदा चिटफंड घोटाला मामले में शिवनारायण दास को गिरफ्तार किया। इसे शारदा घोटाले के कथित मास्टरमाइंड सुदीप्त सेन का एक सलाहकार बताया जा रहा है। उसके पास से एक लोडेड पिस्तौल भी जब्त किया गया। सीबीआई की एक प्रवक्ता ने कहा, “शारदा रियल्टी इंडिया लिमिटेड तथा अन्य से संबंधित मामले में संलिप्तता के लिए शिवनारायण दास को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। उनके आवास पर एक नोटिस भी भिजवाया गया था, लेकिन आज तक न तो उन्होंने इसका जवाब दिया और न ही पूछताछ के लिए वह उपस्थित हुए।” Also Read - Narendra Giri Death Case: CBI ने आनंद गिरि समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र किया दाखिल

उन्होंने कहा, “वह फरार थे और सीबीआई बराबर उनपर निगाह रख रही थी।” गुप्त सूचना के आधार पर सीबीआई के अधिकारियों ने दास को हिरासत में लिया और फिर सही तरीके से पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर लिया। प्रवक्ता ने कहा, “जब उन्हें गिरफ्तार किया गया, उनके पास से एक आयातित भरी हुई पिस्तौल और विस्फोटक जब्त किया गया।” Also Read - CBI, ED निदेशक के कार्यकाल का विस्तार: इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा, किया ये ट्वीट

सूत्रों का कहना है कि दास ने कथित तौर पर सेन को एक पोंजी योजना की शुरुआत करने तथा भारी मुनाफे का वादा कर जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए कहा। इसके बदले में, व्यापार शुरू करने के बाद सेन ने दास को शारदा रियल्टी में एक निदेशक तथा शेयरधारक बनाया। इस बीच, सीबीआई ने पश्चिम बंगाल में विन रियलकॉन कंपनी के दफ्तरों और उसके अधिकारियों के निवास स्थानों सहित नौ स्थानों पर छापेमारी की।

सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में विन रियलकॉन और इसके निदेशकों के निवास स्थान और दफ्तरों सहित नौ स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।” सीबीआई के कई दलों ने उत्तरी 24 परगना जिले के बैरकपुर, खरदाहा, सोदेपुर और हावड़ा में छापे डाले और वहां से कई दस्तावेज जब्त किए हैं।  विन रियलकॉन उन कई गैर-शारदा समूह कंपनियों में से एक है, जिनके खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया है।

विन रियलकॉन के खिलाफ पिछले साल नवंबर में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र करने और प्राइस चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।