कोलकाता, 3 नवंबर –  केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को करोड़ों रुपये के शारदा चिटफंड घोटाले के आरोपी पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री मदन मित्रा की जमानत रद्द करने की मांग को लेकर कोलकाता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सीबीआई ने परिवहन मंत्री मित्रा के खिलाफ शारदा घोटाले में धोखाधड़ी, जालसाजी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है। मित्रा को शनिवार को एक निचली अदालत ने जमानत दी थी। उन्हें इस मामले में करीब 11 माह पहले गिरफ्तार किया गया था। यह भी पढ़ें- शारदा घोटाला : सीबीआई हिरासत में भेजे गए मतंग सिंहAlso Read - पश्चिम बंगाल के स्कूलों में 'ग्रुप डी' कर्मियों की भर्ती की CBI जांच के आदेश पर कलकत्ता हाईकोर्ट की रोक

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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति हरीश टंडन और न्यायमूर्ति इशान चंद्रा दास की खंडपीठ ने सीबीआई को न्यायालय में याचिका दायर करने और मित्रा के अधिवक्ता को इसकी एक प्रति भेजने की इजाजत दे दी है। Also Read - CBI, ED निदेशक के कार्यकाल का विस्तार: इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा, किया ये ट्वीट

सीबीआई की ओर से यह कदम मित्रा को रविवार को शहर के सरकारी अस्पताल एसएसकेएम से छुट्टी दिए जाने के बाद उठाया गया है। मित्रा अपनी अधिकांश हिरासत अवधि के दौरान अस्पताल में भर्ती रहे और निचली अदालत की ओर से जमानत मिलने के 24 घंटों के भीतर ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।

जेल प्रशासन के अनुसार, परिवहन मंत्री मित्रा को शारदा घोटाले में उनकी संलिप्तता के चलते 19 दिसंबर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। हिरासत में भेजे जाने के बाद उन्होंने जेल में 50 से भी कम दिन बिताए। वह ज्यादातर समय अस्पताल में भर्ती रहे।