नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति चीन के साथ डोकलाम संकट के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए मई के अंत में सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करेगी. सूत्रों ने यह जानकारी दी. इस समिति में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे.Also Read - Farm Laws News: राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, कृषि कानूनों की वापसी पर बोले- चर्चा से डरती है सरकार

समिति डोकलाम में भारत-चीन सैन्य गतिरोध के विभिन्न पहलुओं को देख रही है. पूर्व वर्ती विदेश सचिव और मौजूदा विदेश सचिव विजय गोखले द्वारा इस मुद्दे पर कई बार जानकारी दे चुके हैं. एक सूत्र ने बताया, ‘‘ समिति इन दो राज्यों में सीमा पर स्थिति का जायजा लेने और जमीनी हकीकत को देखने के लिए सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करेगी.’’ इन दो राज्यों में भारत-चीन सीमा पर स्थिति का प्रत्यक्ष अनुभव लेने का विचार है. Also Read - 12 दिसंबर को दिल्ली में होगी कांग्रेस की ‘महंगाई हटाओ रैली’, सोनिया और राहुल करेंगे संबोधित

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सूत्रों ने बताया कि समिति स्थिति का मुआयना करने के लिए हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल कर सकती है. समिति वहां तैनात शीर्ष सुरक्षा और रक्षा अधिकारियों से भी रूबरू हो सकती है. बता दें कि चीनी सेना द्वारा विवादित ट्राई-जंक्शन में एक सड़क पर एक निर्माण गतिविधि को भारत द्वारा रोके जाने के बाद पिछले साल 16 जून से सिक्किम सेक्टर में डोकलाम में 73 दिनों तक भारत और चीन के सैनिकों के बीच गतिरोध बना रहा था. डोकलाम को लेकर भूटान और चीन के बीच विवाद है.

इससे पूर्व विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 31 सदस्यीय संसदीय समिति को सूचित किया था कि भूटान इस मुद्दे पर भारत के साथ दृढ़ता से था. सूत्रों ने बताया था कि विचार-विमर्श के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चीन के उद्देश्य और बीजिंग ने टकराव के लिए डोकलाम को क्यों चुना इसको लेकर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से सवाल किया था. राहुल ने डोकलाम के निकट चीन की व्यापक निर्माण गतिविधियों संबंधी खबरों के बारे में भी पूछा था, जिस पर अधिकारियों ने जवाब दिया था कि भारतीय क्षेत्र में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है.