parliament winter session कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) द्वारा छह महिला सांसदों के साथ एक तस्वीर पोस्ट करने और लोकसभा को काम करने की एक ‘आकर्षक जगह’ बताने संबंधी उनके ट्वीट को लेकर सोमवार को तूफान खड़ा हो गया है और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को ‘वस्तु’ के रूप में निर्दिष्ट करने के लिए उन पर निशाना साधा. थरूर ने कहा है कि राजनीतिज्ञों के लिए यह महसूस करने का उचित वक्त है कि महिलाएं अपने सौंदर्य से कहीं अधिक हैं. साइबर सुरक्षा ज्ञान प्रदान करने की दिशा में काम करने वाली एक गैर-लाभकारी संस्था, आकांक्षा श्रीवास्तव फाउंडेशन की संस्थापक आकांक्षा श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं के साथ ‘वस्तु’ के रूप में व्यवहार करना बंद करने की आवश्यकता है और यह मानसिकता बदलने का सही समय है.Also Read - क्या कांग्रेस से बाहर किए जा सकते हैं Shashi Tharoor, मिली चेतावनी, जानें मामला

उन्होंने कहा, ‘‘हम कभी भी पुरुष सांसदों पर नहीं देखते और यह नहीं कहते हैं कि कितना सुंदर जमावड़ा है, फिर उपलब्धि हासिल करने वाली महिला को महिला क्यों कहा जाता है और उन्हें वस्तु क्यों समझा जाता है. हमें लैंगिक तटस्थता तक पहुंचने की जरूरत है, समानता नहीं, बल्कि तटस्थता चाहिए.’’ श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘उनकी टिप्पणियों को बेहतर शब्द दिये जा सकते थे. उनके पास इतनी अच्छी शब्दावली है, उन्हें इसका बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था.’’ भारतीय सामाजिक जागृति संगठन की एक कार्यकर्ता छवि मेथी ने कहा कि इस मानसिकता को बदलने की जरूरत है कि महिलाएं सिर्फ आकर्षक या सुंदर हो सकती हैं. उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास और भी बहुत कुछ है और लोगों को इसे स्वीकार करने और उन्हें वह सम्मान देने की जरूरत है, जिसकी वे हकदार हैं.’’ राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘आप आकर्षण की वस्तु बनाकर संसद और राजनीति में उनके योगदान को कमतर कर रहे हैं. संसद में महिलाओं को वस्तु के रूप में पेश करना बंद करें.’’ Also Read - Shadi Ke Liye Li Chhutti: इस सांसद ने शादी के लिए ली संसद सत्र से छुट्टी, जानें कुल 8 सांसदों ने किन वजहों से मांगा अवकाश

बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सोमवार को छह महिला सांसदों के साथ अपनी एक सेल्फी साझा की और कहा कि ‘कौन कहता है कि लोकसभा काम करने के लिए आकर्षक जगह नहीं है.’ इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया और कुछ लोगों ने उन पर लैंगिक भेदभाव की भावना रखने का आरोप लगाया. बाद में थरूर ने ‘कुछ लोगों को ठेस पहुंचाने’ के लिए माफी मांगी और कहा कि महिला सांसदों के कहने पर ही यह सेल्फी ली गई और ट्विटर पर पोस्ट की गई तथा यह सब अच्छे मिजाज के साथ किया गया. Also Read - Parliament Winter Session: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित, निर्धारित समय से पहले समाप्त हुआ सत्र

थरूर ने सुप्रिया सुले, परनीत कौर, थमीजाची थंगापंडियन, मिमी चक्रवर्ती, नुसरत जहां रूही और ज्योतिमणि के साथ सेल्फी साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘कौन कहता है कि लोकसभा काम करने के लिए आकर्षक स्थान नहीं है? आज सुबह अपनी छह साथी सांसदों के साथ.’’ कई इंटरनेट यूजर ने उन पर लैंगिक भेदभाव और आपत्तिजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया.

वकील करुणा नंदी और कुछ अन्य लोगों ने भी थरूर की आलोचना की. इसके बाद थरूर ने कहा, ‘‘यह सेल्फी महिला सांसदों की पहल थी जो अच्छे मिजाज में ली गई थी और इन महिला सांसदों ने इसी भावना के साथ इस तस्वीर को ट्वीट करने के लिए कहा था.’’ तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और कुछ लोगों ने थरूर का बचाव भी किया.

(इनपुट भाषा)