नई दिल्‍ली: कांग्रेस का अंदरूनी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. अब लोकसभा में कांग्रेस के चीफ व्‍ह‍िप ने पार्टी के सीनियर नेता शशि थरूर पर बड़ा हमला किया है. लोकसभा में कांग्रेस के चीफ व्‍ह‍िप के सुरेश ने कहा, शशि थरूर राजनीतिज्ञ नहीं हैं. वह 2009 में एक अतिथि कलाकार की तरह कांग्रेस में आए और अब भी वह एक अतिथि कलाकार की तरह हैं. वह एक वैश्विक नागरिक हो सकते हैं, महान ज्ञान रखता हों, लेकिन उनके कार्यों से पता चलता है कि वह राजनीतिक रूप से अपरिपक्व हैं. Also Read - कृषि विधेयकों पर संग्राम: कांग्रेस ने कहा किसानों के लिए ‘डेथ वारंट’, भाजपा ने लगाया गुमराह करने का आरोप

लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक के सुरेश की यह ताजा टिप्‍पणी बता रही है कि कांग्रेस के अंदर का तूफान अभी थमा नहीं है. बता दें कि थरूर उन 23 नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने कांग्रेस के संगठन में व्यापक बदलाव, सामूहिक नेतृत्व और पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग को लेकर हाल ही में सोनिया गांधी को पत्र लिखा था. इसको लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ है. Also Read - MP विधानसभा उपचुनाव: सिंधिया के गढ़ गरजेंगे सचिन पायलट, कांग्रेस के लिए करेंगे चुनाव प्रचार

थरूर पर निशाना साधते हुए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी में सभी को उसकी नीतियों और कार्यक्रमों के अनुसार काम करना चाहिए. सुरेश के बयान से प्रदेश कांग्रेस इकाई में उथल-पुथल मच गई है और कई वरिष्ठ नेताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि यह ‘थरूर को कमजोर करने की कोशिश’ है. Also Read - Online Chat: लोकसभा में उठा छात्रों के मानसिक तनाव का मुद्दा, शिक्षा मंत्री ने कहा- ऑनलाइन चैट के जरिए कराई जा रही है सहायता  

शशि थरूर निश्चित रूप से नेता नहीं हैं, अतिथि कलाकार के रूप में पार्टी में बने हुए हैं
मावेलीकारा से लोकसभा सदस्य सुरेश ने कहा, ”शशि थरूर निश्चित रूप से नेता नहीं हैं. वह अतिथि कलाकार के तौर पर कांग्रेस में आए थे. वह अब भी अतिथि कलाकार के रूप में पार्टी में बने हुए हैं.” सुरेश ने कहा कि थरूर ‘वैश्विक नागरिक’ हो सकते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि वह कोई भी निर्णय ले सकते हैं या अपनी इच्छा से कुछ भी कह सकते हैं. सुरेश ने एक सवाल के जवाब में कहा, ”अंतत: उन्हें पार्टी के हिसाब से चलना होगा.”

थरूर को कमजोर करने का कदम दुर्भाग्यपूर्ण है: विधायक पी टी थॉमस
सुरेश के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ पार्टी विधायक पी टी थॉमस ने कहा कि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने स्पष्ट कहा है कि केरल में कांग्रेस नेतृत्व राष्ट्रीय राजनीति में एके एंटनी द्वारा अपनाए गए रुख के साथ है. थॉमस ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, ”हालांकि इसकी आड़ में थरूर को कमजोर करने का कदम दुर्भाग्यपूर्ण है. थरूर जैसी सर्वमान्य शख्सियत का आकलन उनकी अत्यधिक प्रसिद्धि के आधार पर किया जाना चाहिए.”

केपीसीसी उपाध्यक्ष ने कहा- थरूर हमारे प्रिय सांसद हैं
केपीसीसी उपाध्यक्ष वी डी सतीशन ने कहा, ”थरूर हमारे दुश्मन नहीं हैं.” संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अधिकारी को वैश्विक पहचान वाला नेता बताते हुए सतीशन ने कहा कि ”थरूर हमारे प्रिय सांसद हैं जो तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट पर फासीवादी ताकतों को तीन बार शिकस्त देने में सफल रहे हैं”. उन्होंने कहा, ”माकपा और भाजपा हमारे दुश्मन हैं.”

युवा कांग्रेस नेताओं ने भी थरूर का समर्थन किया
सतीशन ने यह भी कहा कि केपीसीसी की राजनीतिक मामलों की समिति ने कांग्रेस कार्य समिति द्वारा लिए गए फैसले का समर्थन करने का निर्णय किया है. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले थरूर और पी जे कुरियन कांग्रेस कार्य समिति द्वारा लिए गए फैसले का समर्थन करेंगे. विधायक के एस सबरीनाथन और कोझिकोड के पार्टी जिलाध्यक्ष टी सिद्दीक जैसे युवा कांग्रेस नेताओं ने भी थरूर का समर्थन किया.

थरूर का ट्वीट हाल की घटनाओं पर चार दिन से चुप था
सुरेश के बयान से एक दिन पहले ही थरूर ने कहा था कि हम सभी का कर्तव्य है कि कांग्रेस के हित में मिलकर काम करें.
थरूर ने गुरुवार को ट्वीट किया, ”मैं कांग्रेस में हाल की घटनाओं पर चार दिन से चुप था, क्योंकि जब एक बार कांग्रेस अध्यक्ष ने कह दिया कि यह अब कोई मुद्दा नहीं रह गया है, तो हम सभी का कर्तव्य है कि हम साथ मिलकर पार्टी के हित में काम करें.” उन्होंने कहा था, ”मैं अपने सभी साथियों से इस सिद्धांत को बरकरार रखने और बहस को समाप्त करने का अनुरोध करता हूं.”

के. मुरलीधरन ने थरूर को ‘वैश्विक नागरिक’ कहा था
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद के. मुरलीधरन ने भी गुरुवार को इस मुद्दे पर थरूर पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘वैश्विक नागरिक’ कहा था. केरल में कांग्रेस के कुछ नेता तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को 50 साल की लीज पर अडानी एंटरप्राइजेज को देने के केंद्र के कदम का खुलकर समर्थन करने के लिए भी थरूर से निराश हैं.

संसदीय समिति में पत्र विवाद से जुड़े नेताओं को तवज्जो नहीं
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हाल के दिनों में संसद से जुड़ी जिन समितियों का गठन किया और जिन नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियां दीं, उससे ये संकेत मिलते हैं कि पत्र विवाद से जुड़े नेताओं को तवज्जो नहीं दी गई और उन्हें एक तरह से संदेश देने का प्रयास भी किया गया. पार्टी की तरफ से गुरुवार को लोकसभा में गौरव गोगोई को उप नेता नियुक्त किया गया तो रवनीत सिंह बिट्टू को सचेतक बनाया गया. इस तरह राज्यसभा में जयराम रमेश को मुख्य सचेतक नियुक्त करने के साथ ही दोनों सदनों में पार्टी की रणनीति तय करने के मकसद से पांच-पांच सदस्यीय समितियां भी बनाई गई हैं.

गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा को ही जगह मिली
राज्यसभा की पांच सदस्यीय समिति में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद और उप नेता आनंद शर्मा को स्थान मिला है, हालांकि इसमें राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता अहमद पटेल एवं रमेश को भी शामिल किया गया है.

मनीष तिवारी और शशि थरूर के लिए क्‍या एक संदेश दिया है
लोकसभा में दो बार के सांसद गौरव गोगोई को उप नेता की जिम्मेदारी दी गई है, जिसे पूर्व केंद्रीय मंत्रियों मनीष तिवारी और शशि थरूर के लिए एक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और लोकसभा सदस्य का कहना है कि कुछ लोगों को जिम्मेदारी मिलने का यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि दूसरे लोगों की उपेक्षा की जा रही है.

पत्र विवाद से संबंधित किसी नेता को पांच सदस्यीय समिति में जगह नहीं
कुछ दिनों पहले भी सोनिया ने केंद्र सरकार की ओर से जारी प्रमुख अध्यादेशों के संदर्भ में पार्टी का रुख तय करने के लिए जिस पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था, उसमें भी पत्र विवाद से संबंधित किसी नेता को जगह नहीं दी गई थी. उस समिति में राज्यसभा से पी चिदंबरम, रमेश और दिग्विजय सिंह थे तो लोकसभा से डॉक्टर अमर सिंह और गोगोई को शामिल किया गया.’