प्रयागराज. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लेटे हुए हनुमान, अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन कर कुम्भ मेले में मंत्रिमंडल की बैठक की और इसके बाद पूरे मंत्रिमंडल के साथ संगम में डुबकी लगाई. इस दौरान उनके साथ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और अन्य साधु-संतों ने भी डुबकी लगाई. इस स्नान पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने चुटकी ली है. वहीं, आदित्यनाथ ने बताया, “उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग को प्रयागराज से जोड़ने के लिए मंत्रिमंडल ने गंगा एक्सप्रेसवे को सैद्धांतिक सहमति दी है।”

शशि थरूर ने योगी आदित्यनाथ की अपने मंत्रियों के साथ स्नान करते हुए फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा, ‘गंगा भी स्वच्छ रखनी है और पाप भी यहीं धोने हैं. इस संगम में सब नंगे हैं. जय गंगा मैया की.’

इसके बाद आदित्यनाथ ने कहा, यह एक्सप्रेसवे मेरठ, अमरोहा, बुलंदशहर, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज आएगा। यह एक्सप्रेसवे जब बनेगा तो दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा. यह लगभग 600 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे होगा और इस पर करीब 36,000 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना है. मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए फैसले की जानकारी देने के बाद मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी संगम स्नान के लिए संगम नोज पर बने घाट पर गए जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और अन्य साधु संतों के साथ स्नान किया.

डिप्टी सीएम ने ये कहा
स्नान के बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश की पूरी कैबिनेट और हमारे कई राज्यमंत्रियों ने आज संगम में डुबकी लगाई. कई साधु संत भी साथ में डुबकी लगाने के लिए आए. कुम्भ भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले में स्थित नाथ सम्प्रदाय के शिविर में मंत्रिमण्डल सहित पहुंचकर नाथ सम्प्रदाय के धर्मध्वज की पूजा-अर्चना की और इसके बाद सभी ने प्रसाद ग्रहण किया. मुख्यमंत्री ने सेक्टर-6 में लगाए गए नेत्रकुम्भ का भी अवलोकन किया और वहां उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत की और उन्हें दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली.