नई दिल्ली: तकनीक के साथ आगे बढ़ते हुए भारतीय रेलवे की शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन मार्च 2019 से यात्रियों को झटका-मुक्त सफर की सौगात देंगी. रेलवे के एक अधिकारी ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली से रवाना होने वाली सभी शताब्दी एक्सप्रेस में आधुनिक योजक (कपलर्स) लगाए गए हैं, जो यात्रियों के सुगम सफर को सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने कहा कि राजधानी व शताब्दी ट्रेनों के बेड़े से पुराने योजकों को बदलने के बाद अन्य ट्रेनों में भी यह बदलाव किया जाएगा. Also Read - कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में अब भारतीय रेलवे आया सामने, 20 हजार कोचों को बनाएगा आइसोलेशन वार्ड   

रेलवे के सीनियर अफसर ने कहा, “इस समय तक उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाली सभी शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में यह परिवर्तन कर दिया गया है. राजधानी व शताब्दी ट्रेन बेड़े से पुराने योजक मार्च 2019 तक बदल दिए जाएंगे.” Also Read - Coronavirus: ट्रेनों के 20,000 डिब्बों को अलग वार्ड में बदलने की तैयारी की जाए: रेलवे बोर्ड

योजक एक कोच को दूसरे कोच से जोड़ने वाले उपकरण हैं. अधिकारी के मुताबिक, रेलवे पुराने योजकों को नवविकसित सेंटर बफर कपलर (सीबीसी) से बदल रहा है, जो संतुलित ड्राफ्ट गियर से लैस है. Also Read - Corona को हराने भारतीय रेलवे भी हुआ तैयार, ट्रेन की बोगियों को आइसोलेशन वार्ड में किया तब्दील

अधिकारी ने कहा, “एएचबी (लिंक हॉफमान बुश) कोच को जोड़ने वाले मानक योजकों में कछ दिक्कत आ रही थी, जिसके परिणामस्वरूप सफर के दौरान झटके लगते थे.” उन्होंने कहा कि सीबीसी के नए संस्करण में उच्च क्षमता वाले झटका अवशोषक हैं, जो ब्रेक लगाने, गति बढ़ाने के दौरान झटके नहीं लगने को सुनिश्चित करेंगे, जिसके परिणामस्वरूप यात्रियों का सफर सुगम बनेगा.