नरसिंहपुर(जबलपुर): भारतीय जनता पार्टी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर उन पर कई हमले बोले. उन्होंने कहा कि चुनाव में जो वादे किए गए वे पूरे नहीं हुए, अब मन की बात कर रहे हैं, मैं मन की बात नहीं करुंगा क्योंकि उस पर तो किसी और का पेटेंट राइट है, इसलिए दिल की बात करुंगा. Also Read - एस पी बालासुब्रमण्यम के निधन पर PM समेत अन्य नेताओं ने जताया शोक कहा- बेमिसाल संगीत से हमेशा यादों में रहेंगे

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थापित हो रहे एनटीपीसी संयंत्र के कारण विस्थापित हुए किसानों और उन पर दर्ज प्रकरणों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा 4 दिन से बैठे हैं. उनका समर्थन करने रविवार को यहां पहुंचे बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने किसानों के साथ हो रहे अन्याय पर चिंता जताई. Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी का बयान- पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आशीर्वाद से भारतीयों का जीवन हो रहा बेहतर

शॉट गन के नाम से मशहूर शत्रुध्न सिन्हा ने अपने भाषण में अंदाज नहीं बदला. उन्होंने कहा कि मन की बात कर रहे हैं, करते जा रहे हैं, उसका प्रचार हो रहा है, प्रोपोगंडा हो रहा है, कोई सुने या न सुने मगर मन की बात कर रहे हैं, मन की बात पर किसी और का पेटेंट राइट है, इसलिए दिल की बात आप से कर रहा हूं. Also Read - प्रधानमंत्री से बोले 'आयरन मैन' मिलिंद सोमन - मैं फिट रहने के लिए जिम नहीं जाता

उन्होंने चुनाव से पहले किए जाने वाले वादों का जिक्र करते हुए कहा, ‘चुनाव से पहले तरह-तरह के वादे किए जाते हैं, जो चाहो वो वादा करा लो, हमारे राजनेता इस मामले में पीछे नहीं हैं. वे तो जहां नदी भी नहीं है, वहां पुल बनाने का वादा कर देते हैं, चुनाव खत्म होते ही सारे वादे भूल जाते हैं.’

राष्ट्र मंच गठित किए जाने का मकसद बताते हुए शत्रुध्न सिन्हा ने कहा कि यह विचार मंच है, जैसे लोहिया का विचार मंच था, जैसा जय प्रकाश नारायण का था, जैसा वी पी सिंह का था, यह कोई पार्टी नहीं है. लाइट माइंडिड प्यूपिल इससे जुड़ने आएं, सभी वर्गों के वे लोग जिन्हें अपनी बात कहने का मौका नहीं मिलता उन्हें यह मंच अवसर देगा.

उन्होंने आगे कहा, ‘हम सब जानते हैं कि व्यक्ति से बड़ी पार्टी होती है और पार्टी से बड़ा देश होता है, इसलिए देश के लिए यह मंच बनाया गया है. इस मंच को सभी दलों के साथियों का समर्थन मिला हुआ है. यह किसी दल के खिलाफ बगावत नहीं है, बल्कि देश को मजबूत करने, युवाओं को जगाने का मंच है. विचार का काम ही है, जब किसी सरकार का काम करने का तरीका सिर से ऊपर निकल जाए, तब उसे चेताने का है.’

आपको बता दें कि गाडरवारा में स्थापित हो रहे एनटीपीसी संयंत्र के लिए कई किसानों की जमीन को अधिग्रहित किया गया. उन्हें मुआवजा दिए जाने के साथ नौकरी देने का भी वादा किया गया. जब नौकरी नहीं दी तो किसानों ने प्रदर्शन किया. बाद में इन किसानों पर एससीएसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किए गए.

पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा किसानों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने सहित किसानों की अन्य मांगें पूरी कराने के लिए धरना दे रहे हैं. वे रात में भी धरना स्थल पर ही सोते हैं. प्रशासन ने लगातार उनसे धरना खत्म करने की गुजारिश की, मगर वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. वहीं प्रशासन उन्हें अपनी मजबूरियां बता रहा है कि दर्ज प्रकरणों को वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने पर ही खत्म किया जा सकता है.

यशवंत सिन्हा के धरना को आम आदमी पार्टी का भी समर्थन मिल चुका है. आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल भी उनके साथ धरने पर शनिवार से बैठ गए हैं. किसान नेता शिवकुमार शर्मा भी 4 दिन से सिन्हा के साथ धरने पर बैठे हैं.

बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा नियमित उड़ान से रविवार शाम को मुम्बई से जबलपुर पहुंचे. वहां के डुमना विमानतल पर पत्रकारों के सवाल पर, उन्होंने कहा कि वह छोटे भाई की हैसियत से यशवंत सिन्हा को समर्थन देने आए हैं किसानों की जिन मांगों को लेकर सिन्हा आंदोलन का रुख अख्तियार कर चुके है उसका वह समर्थन करते हैं.

शत्रुघ्न सिन्हा के मुताबिक किसानों के साथ सदियों से अन्याय हो रहा है वहीं एनटीपीसी से प्रभावित किसान जिन मांगो को लेकर धरने पर बैठे हैं उस मुद्दे पर प्रदेश सरकार को हल निकालना चाहिए. सिन्हा जबलपुर से सड़क मार्ग से नरसिंहपुर पहुंचे.