नई दिल्ली. पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा शनिवार को औपचारिक तौर पर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाएंगे. 28 मार्च को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की थी और उसके बाद कहा गया था कि नवरात्रि के पहले दिन वह पार्टी में शामिल होंगे. बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा बीजेपी के शीर्ष नेताओं से नाराज चल रहे थे. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दे पर अपनी ही सरकार को घेरा था.

बताया जा रहा है कि शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिबा से चुनाव लड़ेंगे. इसके पीछे तर्क ये है कि शत्रुघ्न सिन्हा हमेशा से कहते आ रहे हैं कि सिचुएशन जो भी हो लोकेशन वही होगा. बीजेपी ने इस बार उनके खिलाफ केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को उतार दिया है. ऐसे में पटना साहिब की सीट पर रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है.

सीनियर नेताओं के साथ गलत व्यवहार
शत्रुघ्न सिन्हा लंबे समय से मोदी सरकार की आलोचना कर रहे थे. उन्होंने कहा, बीजेपी जिससे मैं लंबे समय से जुड़ा था, उसे छोड़ना मेरे लिये ‘‘पीड़ादायक’’ था. लेकिन एल. के. आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ जिस तरह से बर्ताव किया गया, उससे मैं आहत था. बीजेपी ने लोकसभा चुनावों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आडवाणी और जोशी को इस बार चुनाव मैदान में नहीं उतारा है.

तानाशाही का आरोप लगाया
उन्होंने भाजपा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी प्रमुख अमित शाह के नेतृत्व की आलोचना की और कहा कि इससे पहले पार्टी में ‘लोकशाही’ थी और अब ‘तानाशाही’ है. उन्होंने कहा, हमारे पारिवारिक मित्र (राजद प्रमुख) लालू प्रसाद ने भी सुझाव दिया ‘आप वहां (कांग्रेस में) जायें. हम लोग वहां आपके साथ हैं और राजनीतिक रूप से भी साथ बने रहेंगे। यह उनकी (लालू प्रसाद की) सहमति और उनके साथ समझौते के तहत हुआ. उन्होंने कहा कि अहम कारक यह है कि पटना साहिब सीट महागठबंधन के सीट बंटवारे में कांग्रेस के खाते में गयी. उन्होंने कहा भी था कि सिचुएशन (परिस्थिति) जो भी हो लेकिन लड़ूंगा उसी सीट से.