नई दिल्ली: पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बुधवार को 80 साल की उम्र में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया. डीपीसीसी कार्यालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में शीला के साथ ही नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्षों- देवेंद्र यादव, राजेश लिलोठिया और हारून यूसुफ ने भी कार्यभार संभाला. वैसे, इस मौके पर जगदीश टाइटलर की मौजूदगी को लेकर विवाद खड़ा हो गया. टाइटलर 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में आरोपी हैं.

अकाल दल नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने दिल्ली में कांग्रेस के कार्यक्रम में जगदीश टाइटलर की मौजूदगी पर कहा कि उनके परिवार ने पहले क्या किया था, राहुल जी अभी उस परंपरा को जारी रखे हुए हैं. यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सिखों की भावनाओं के लिए उनका कोई सम्मान नहीं है.

मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने ‘शीला दीक्षित आई है, बदलाव की आंधी आई है’ के नारे लगाए. शीला के कार्यभार संभालने के मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह, जनार्दन द्विवेदी, अजय माकन, पीसी चाको और संदीप दीक्षित मौजूद थे. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शीला दीक्षित के अनुभव पर भरोसा जताते हुए हाल ही में उन्हें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया . इसके साथ ही देवेन्द्र यादव, हारून यूसुफ और राजेश लिलोठिया को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया.

शीला दीक्षित 1984 से 1989 तक कन्नौज से सांसद रह चुकी हैं. वह 1998 से 2013 तक (लगातार 15 साल) तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. हाल ही में अजय माकन ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद उन्हें कांग्रेस नेतृत्व ने दिल्ली की जिम्मेदारी सौंपी है.

बीते 11 जनवरी को दिल्ली कांग्रेस की नवनियुक्त अध्यक्ष शीला दीक्षित ने शुक्रवार को पार्टी के तीनों कार्यकारी अध्यक्षों के साथ बैठक की जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा की थी. सूत्रों के मुताबिक नियुक्ति के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त चारों शीर्ष पदाधिकारियों की पहली आधिकारिक बैठक में पार्टी की मौजूदा स्थिति, चुनौतियों और आगे के संभावित कार्यक्रमों के बारे में बातचीत की गई थी.