नई दिल्ली: कृषि विधेयकों के मुद्दे पर सरकार से नाराज चल रही शिरोमणी अकाली दल आधिकारिक रूप से राजग (NDA) से अलग हो गई है. खुद शिरोमणी अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को इसकी घोषणा की.Also Read - Punjab Opinion Poll: दोआब में शिरोमणि अकाली दल बन सकता है सबसे बड़ी पार्टी, AAP को 3-4 सीटें मिलने का अनुमान

यहां पार्टी की कोर समिति की बैठक के बाद उन्होंने यह घोषणा की. सुखबीर ने कहा, ‘‘शिरोमणि अकाली दल की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई कोर समिति की आज रात हुई आपात बैठक में भाजपा नीत राजग से अगल होने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया.’’ इससे पहले राजग के दो अन्य प्रमुख सहयोगी दल शिवसेना और तेलगु देशम पार्टी भी अन्य मुद्दों पर गठबंधन से अलग हो चुके हैं. Also Read - Punjab Opinion Poll: मालवा क्षेत्र में AAP सबसे बड़ी पार्टी, कांग्रेस को नुकसान होने का अनुमान

इससे पहले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने आरोप लगाया और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कृषि सुधार विधेयकों को लेकर भाजपा नेतृत्व को पार्टी की चिंताओं से अवगत कराने के बावजूद मुद्दों को सुलझाया नहीं गया. Also Read - माझा में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल में टाई, आम आदमी पार्टी को भी हो रहा फायदा

वहीं संसद के मानसून सत्र में लाए गए कृषि से जुड़े विधेयकों को किसान विरोधी बताते हुए शिरोमणि अकाली दल कोटे से मोदी सरकार में मंत्री हरसिमरत कौर ने इस्तीफा दे दिया था. मोदी सरकार 2.0 में यह पहला इस्तीफा है. हरसिमरत कौर ने प्रधानमंत्री मोदी को सौंपे इस्तीफे में अपनी पार्टी और किसानों को एक दूसरे का पर्याय बताया था. कहा है कि, किसानों के हितों से उनकी पार्टी किसी तरह का समझौता नहीं कर सकती.