उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद (Jitin Prasada) भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए. जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने पर कई नेताओं का रिएक्शन आ चुका है. अब शिवसेना ने शुक्रवार को जितिन प्रसाद को पार्टी में शामिल करने के बाद भाजपा द्वारा उत्सव मनाने को ‘हस्यास्पद’ करार दिया, लेकिन साथ ही कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को अपनी पार्टी के लिए मजबूत टीम बनाना होगा. Also Read - UP: भाजपा ने पीएम मोदी के करीबी MLC एके शर्मा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया, दो सचिवों की भी नियुक्ति की

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में लिखा कि युवा नेता प्रसाद कांग्रेस के लिए किसी काम के नहीं थे और भाजपा के लिए भी ऐसे ही होंगे. शिवसेना ने कहा, ‘जितिन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट युवा नेता हैं और उनसे बहुत अधिक उम्मीदें हैं. कांग्रेस में अहमद पटेल और राजीव सातव के निधन के बाद पहले से ही खालीपन है. यह अच्छा नहीं है कि युवा नेता भाजपा (BJP) की ओर जा रहे हैं.’ Also Read - Rahul Gandhi Birthday: राहुल गांधी 51 साल के हुए, बधाईयों का तांता, कांग्रेस मना रही 'सेवा दिवस'

सामना ने लिखा, ‘उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Polls) में हार का सामना करने वाले प्रसाद अंतत: भाजपा में शामिल हो गए. प्रसाद के परिवार के सदस्य कांग्रेस के वफादार रहे हैं. वह पूर्व प्रधानमंत्री मनामोहन सिंह के मंत्रिमंडल में मंत्री रहे. हालांकि, वह विधानसभा और लोकसभा चुनाव में हारते रहे. भाजपा नेता अब प्रसाद के अपनी पार्टी में शामिल होने पर जश्न मना रहे हैं. इसके पीछे उत्तर प्रदेश की जातीय राजनीति है. कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण मतों पर नजर प्रसाद के भाजपा में शामिल होने का कारण है.’ Also Read - राजस्थान में 'राजे ही भाजपा, भाजपा ही राजे' के नारे से बीजेपी में कोहराम, वसुंधरा राजे से टकराव की स्थिति

शिवसेना ने सवाल करते हुए लिखा, ‘अगर प्रसाद की ब्राह्मण मतों पर पकड़ थी तो वे मत कांग्रेस को क्यों नहीं हस्तांतरित हुए?’ पार्टी ने कहा कि भाजपा का पारंपरिक मतदाता अगड़ी जातियों के हैं जो पार्टी से दूर हो रहे है. शिवसेना ने कहा, ‘अबतक भाजपा को उत्तर प्रदेश में किसी समीकरण या चेहरे की जरूरत नहीं थी. नरेंद्र मोदी ही सब कुछ थे. राम मंदिर या हिंदुत्व मतों को जीतने के मुद्दे थे लेकिन अब स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उन्हें प्रसाद के समर्थन की जरूरत है.’ उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने कहा कि अहम मुद्दा है कि क्यों कांग्रेस नेता पार्टी छोड़ कर जा रहे हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने और सचिन पायलट के बागी रुख की चर्चा करते हुए शिवसेना ने कहा कि पंजाब में भी कांग्रेस के भीतर बागी हैं. ‘सामना’ ने कहा कि बगावत और गुटबाजी कांग्रेस तक सीमित नहीं है. शिवसेना ने कहा, ‘केरल और असम में जीतने की स्थिति में होने के बावजूद कांग्रेस ऐसा नहीं कर सकी. उसने पुडुचेरी भी गंवा दिया लेकिन इस बात पर चर्चा नहीं होती कि कांग्रेस को आगे क्या करना चाहिए और कैसे खुद को दोबारा खड़ा करना चाहिए. महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल को छोड़कर बाकी जगह कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है. यह राजनीतिक असंतुलन लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह है.’

सामना ने लिखा कि कांग्रेस ने आजादी से पहले बहुत काम किया और उसके बाद भी. कांग्रेस ने राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया. यहां तक कि आज भी ‘नेहरू-गांधी’ के देश की पहचान को खत्म नहीं किया जा सकता… कांग्रेस की जमीन पर मजबूत पकड़ है.’ शिवसेना ने कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सक्षम तरीके से पार्टी में अपनी जिम्मेदारी निभाई, अब राहुल गांधी को मजबूत टीम बनानी है जो पार्टी के समक्ष चुनौतियों का जवाब होगी.’

(इनपुट: भाषा)