नई दिल्लीः काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार महाराष्ट्र की राजनीति में छाया संकट अब खत्म होता नजर आ रहा है. भाजपा से तीस साल का गठबंधन तोड़ने वाली शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस को मनाने में सफल हो गई है और अब महाराष्ट्र में त्रिकोणीय गठबंधन वाली सरकार बनने वाली है. तीनो ही पार्टियों ने मिलकर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम भी तैयार कर लिया है और इसे आला कमान के पास दिल्ली भेजा गया है. तीनों पार्टियां 14-12-14 के फार्मूले पर सरकार बनाएंगी. इसका मतलब यह है कि राज्य सरकार में शिवसेना के 14 मंत्री, कांग्रेस के 12 मंत्री और एनसीपी के 14 मंत्री होंगे. एनसीपी और कांग्रेस ने शिवसेना की मुख्यमंत्री वाली मांग भी मान ली है. इस बीच शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में भाजपा पर निशाना साधते हुए तंज कसा है.

मुख्यमंत्री पद के लिए जिद में अड़ी शिवसेना ने भाजपा को पागल तक करार कर दिया है. सामना में पार्टी ने लिखा कि जब से लोगों को इस बात की खबर मिली है कि महाराष्ट्र में शिवसेना सरकार बनाने वाली है और एक शिवसैनिक मुख्यमंत्री बनेगा तब से कुछ लोगों के पेट में खलबली मच गई है और उन्हें यह बात पच नहीं रही है. शिवसेना ने लिखा कि इससे कुछ पार्टियों के पेट में दर्द भी हो रहा है. पार्टी ने सामना में लिखा के पहले तो लोग यह कह रहे थे कि महाराष्ट्र में कौन कैसे सरकार बनाता है देखतें हैं. अब यह देखकर लोगों को पेट दर्द शुरू हो गया है.

पूरे 5 साल चलेगी सरकार, बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है: शरद पवार

‘सामना’ के संपादकीय में लिखा, ”भाजपा अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए दूसरों पर आरोप लगा रही है, और यह हरकत स्वयं उनकी मानसिक स्थिति के लिए खतरनाक है. अपने संपादकीय में शिवसेना ने लिखा कि भाजपा को पीएम मोदी के नाम पर जनता वोट देती है लेकिन कुछ नेताओं की इस तरह की भाषा उनकें नाम की गलत छवि दिखाती है. सेना ने लिखा कि अगर किसी पार्टी को लगता है कि वह महाराष्ट्र के मालिक और देश के बाप हैं तो उनकों इस मानसिकता से बाहर आना चाहिए. पार्टी ने लिखा कि 105 संख्या वाली पार्टी को लगता है कि वह सरकार बना पाएगी तो सोचने में कोई हर्ज नहीं है.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसने कुल 105 सीटें हासिल की थी. उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने 56 सीटें जीती थीं लेकिन जब सरकार बनाने की बात आई तो शिवसेना मुख्यमंत्री पद के लिए जिद पर अड़ गई और सेना ने अपनी इस जिद के सामने भाजपा के साथ किए गए गठबंधन को तोड़ दिया. अब महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं. अभी इस बात की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है कि कौन सा मंत्री विभाग किस पार्टी के पास होगा.