मुंबई: शिवसेना ने शरद पवार को उनके हाल में दिए एक बयान को लेकर निशाने पर लिया है. शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि एनसीपी प्रमुख पवार ने हमेशा जाति समर्थित राजनीति की है. बता दें कि हाल ही में पवार ने कहा था कि आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिया जाना चाहिए और इसका आधार जाति नहीं होनी चाहिए. सेना ने कहा कि उनकी यह टिप्‍पणी सिर्फ कुछ लोगों को खुश करने के लिए है. दक्षिण पंथी पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना में लिखे लेख में पवार की टिप्‍पणी पर ये सवाल उठाए हैं.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र में कहा, पवार महाराष्‍ट्र में जितने सम्‍मानित हैं, उतने ही राष्‍ट्रीय स्‍तर पर, लेकिन वह कभी भी अपने रुख पर कायम नहीं रहे हैं. वह हमेशा जाति आधारित राजनीति के समर्थक रहे हैं.

सेना ने पवार पर उठाये ये सवाल
– मराठा समाज के जब शांति मोर्चे पूरे राज्‍य में निकले तो पवार ने उन्‍हें खूब सपोर्ट दिया और कहा कि उन्‍हें आरक्षण मिलना चाहिए.
– शरद पवार ने जब मराठाओं के आरक्षण के लिए समर्थन किया तो उन्‍होंने पुणे में अपने इंटरव्‍यू में अपना स्‍टैंड क्‍यों बदल दिया.
-2014 में पवार ने सबसे पहले महाराष्‍ट्र में बीजेपी की सरकार के लिए समर्थन की घोषणा की थी, लेकिन आज वह बीजेपी को हराना अपना सबसे बड़ा मकसद बता रहे हैं.

राज ठाकरे के लिए इंटरव्‍यू में यह बोले थे पवार
एमएनएस चीफ राज ठाकरे ने बीते बुधवार को पुणे में एनसीपी चीफ शरद पवार का एक विशेष इंटरव्‍यू था. इसमें ठाकरे के सवाल पर पवार ने कहा था, ‘यह (आरक्षण) एक संवेदनशील मुद्दा है. दलितों और आदिवासियों को आरक्षण दिया जाना चाहिए, इसमें कोई समस्‍या नहीं है… अन्‍य जाति के लोग आरक्षण के लिए रैलियां निकाल रहे हैं. मेरा साफ मानना है कि जाति के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए, लेकिन उन लोगों को देना चाहिए, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं.’ ( इनपुट एजेंसी पीटीआई)