नई दिल्लीः महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के नतीजों के लगभग दस दिन बाद भी महाराष्ट्र में सीएम पद के लिए सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीतते दिनों के साथ शिवसेना अपने तेवर सख्त करती जा रही है और वह इस बात पर अड़ी हुई है कि इस बार महाराष्ट्र में सीए कोई शिवसेना उम्मीदवार ही होगा.

पार्टी नेता संजय राउत ने कहा कि पार्टी राज्य में सरकार बनाने की कगार पर है उसके पास जरूरी बहुमत आंकड़ा भी है. आपको बता दें कि शिवसेना ने इस बार 56 सीटों पर जीत दर्ज की थी लेकिन अगर उसका कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन हो जाता है तो वह सरकार बनाने के जरूरी आंकड़े के काफी करीब पहुंच सकती है. उधर संजय राउत ने अपने बयान में कहा कि हमारे पास कुल 170 विधायकों का समर्थन है.

राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने यह भी कहा कि समर्थन देने वाले विधायकों की संख्या बढ़कर 175 तक हो सकती है. शिवसेना नेता चुटकी लेते हुए कहा भले ही बीजेपी (BJP) अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए रेस कोर्स और वानखेड़े स्टेडियम बुक करें, लेकिन शिवसेना का ही अगला मुख्यमंत्री होगा.


शिवसेना ने इस घमासान के बीच अपने मुखपत्र सामना में भी भाजपा के खिलाफ कड़े तेवर दिखाए हैं. पार्टी ने लिखा कि अगर हमने चुनाव में बीजेपी का साथ नहीं दिया होता वह 75 सीटें भी नहीं जीत पाती. उन्होंने कहा कि शिवसेना कि भी सूरत में जल्दबाजी नहीं करेगी लेकिन वह कीसी कि जिद के आगे झुकेगी भी नहीं.

राउत ने कहा कि अगर पार्टी इस बात पर जोर दे रही है कि सीएम शिवसेना का ही होगा तो इसका साफ मतलब यह निकलता है कि हमारे पास इसका कोई वाजिब कारण होगा और हमारे पास समर्थन भी है.