मुंबई. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. इसमें लिखा है कि बीजेपी के नेताओं और सदस्यों के द्वारा दिए जा रहे गैरजिम्मेदाराना बयानों के लिए पीएम खुद दोषी हैं. मंत्री संतोष गंगवार का जिक्र करते हुए इसमें लिखा है, ‘बीजेपी के राज में, प्रधानमंत्री मोदी से प्रभावित पार्टी के मंत्रियों का उनकी जुबान पर कोई नियंत्रण नहीं है.

बता दें कि गंगवार ने कहा था, देश में रेप की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन कभी-कभी इसे रोका नहीं जा सकता. केंद्रीय मंत्री ने यह बयान कठुआ और उन्नाव गैंगरेप के बाद देश में जो गुस्सा है उससे जड़े सवाल पर दिया. इसमें आगे लिखा है कि संतोष गंगवार का बयान और अपराध ज्यादा गंभीर है. लेकिन वह मंत्री बने हुए हैं और कोई भी उनका इस्तीफा नहीं मांग रहा है.

संपादकीय में आगे लिखा है, अटल बिहारी वाजपेयी भी देश के प्रधानमंत्री थे. कम बोलते थे, लेकिन सही बोलते थे. पीएम मोदी अपने आलोचकों को प्वाइंट करते हुए किसी भी मुद्दे पर कभी भी बोल देते हैं. कल तक पीए मोदी मीडिया को इंटरटेन कर रहे थे. आज इंटरटेनमेंट राहुल गांधी और दूसरे बीजेपी के मंत्री जैसे संतोष गंगवार से मिल रहा है. बता दें कि ये आर्टिकल प्रधानमंत्री के हाल में दिए उस बयान पर लिखा है, जिसमें उन्होंने बीजेपी के मंत्रियों-नेताओं के गैरजिम्मेदारी से दिए गए बयानों पर नाराजगी जताई थी.

संपादकीय में साल 2008 के बारे में जिक्र करते हुए बीजेपी को याद दिलाने की कोशिश की गई है कि कैसे आर आर पाटिल के बयान पर बीजेपी ने दबाव बनाया था और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था. बता दें कि साल 2008 में मुंबई हमले के बाद तत्कालीन गृहमंत्री आर आर पाटिल ने कहा था कि इस तरह की चीजें बड़े शहरों में होती रहती हैं. इसके बाद बीजेपी के नेताओं ने इस पर काफी हंगामा मचाया था, जिसके बाद पाटिल को इस्तीफा देना पड़ा था.