मुंबई. महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना चाहती है कि राज्य की 288 सीट में से उसे 152 सीट मिले, जबकि बाकी बचे 135 सीट पर उसकी सहयोगी बीजेपी लड़े. इतना ही नहीं शिवसेना मुख्यमंत्री के पद पर भी दावा करना चाहती है.

पर्यवेक्षकों के मुताबिक, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़े. इतना ही नहीं वह चाहते हैं कि मुख्यमंत्री का पद भी उन्हें मिले. ऐसी स्थिति में साल 2014 की सीट शेयरिंग के हिसाब से ही 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने में शिवसेना को कोई फर्क नहीं पड़ता.

पर्यवेक्षकों का सवाल था कि बीजेपी के साथ लोकसभा का चुनाव लड़ने के बाद विधानसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ने पर क्या होगा. इसके जवाब में उन्होंने पाया कि यह उनके लिए बड़ी भूल हो सकती है. यदि बीजेपी केंद्र में सत्ता पाने में कामयाब हो जाती है तो महाराष्ट्र की जनता का मूड अपने पार्टी की तरह हो जाएगा. ऐसी स्थिति में शिवसेना अकेले चुनाव लड़ती है तो उसे नुकसान हो जाएगा.

बताया जा रहा है कि शिवसेना चीफ ने अमित शाह से मातोश्री में मुलाकात के दौरान 150 सीट की मांग की. अमित शाह ने उनसे वादा किया कि वह इस मुद्दे पर जल्द ही उनके साथ दोबारा मीटिंग करेंगे और मामला सॉल्फ करेंगे.

दूसरी तरफ सूत्रों के अनुसार, बीजेपी शिवसेना को 130 से ज्यादा सीट देने के पक्ष में नहीं है. इसमें कहा गया है कि अमित शाह ने बीजेपी के सांसद, विधायक और दूसरे नेताओं को कह दिया है कि शिवसेना से बात नहीं बनने की स्थिति में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी करें.