Filmcity in Kashmir!: सुशांत सिंह राजपूत मौत (Sushant Singh Rajput) मामले में मुंबई पुलिस (Mumbai Police) की जांच और कंगना रनौत (Kangana Ranaut) संग बहसबाजी और उनका मुंबई स्थित ऑफिस बीएमसी (BMC) द्वारा गिराए जाने के बाद से ही महाराष्ट्र की उद्धव सरकार विवादों में घिरी हुई है. कंगना रनौत का ऑफिस गिराए जाने पर शिवसेना को हर तरफ आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi  Adityanath) ने राज्य में फिल्मसिटी (Filmcity in Uttar Pradesh) बनाए जाने की घोषणा की है. जिसे लेकर अब लोकेशन की तलाश भी शुरू हो गई है. जिस पर अब शिवसेना ने तंज कसा है. Also Read - जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकियों ने BJP के तीन युवा मोर्चा के नेताओं को गोलियों से भूना, लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ने जिम्मेदारी ली

शिवसेना ने उत्तर प्रदेश में फिल्मसिटी बनाए जाने के फैसले को लेकर मोदी सरकार को निशाने पर लिया है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कश्मीर में फिल्मसिटी बनाए जाने की बात कही है. शिवसेना के मुताबिक, फिल्मसिटी बनाना आसान है, लेकिन इसे चलाना बेहद मुश्किल भरा काम है. जो हर किसी के बस की बात नहीं. शिवसेना ने सामना में लिखा है कि अब जब जम्मू-कश्मीर अनुच्छेद 370 हटाजा जा चुका है तो मोदी सरकार को कश्मीर में फिल्मसिटी की स्थापना करना चाहिए. क्योंकि हर हिंदुस्तानी ने सिनेमा जगत में अपना योगदान दिया है. Also Read - कश्मीरी पंडितों ने कहा- कश्मीर में 'बाहरी' लोगों को न हो ज़मीनों की बिक्री, हम ठगे गए, ये अन्याय है

शिवसेना ने कहा- ‘एक समय ऐसा था जब सिनेमा जगत की बड़ी-बड़ी फिल्मों और गानों की शूटिंग कश्मीर, शिमला, मनाली और शिलांग जैसे लोकेशन्स में की जाती थी. खासकर रोमांटिक गानों के लिए कश्मीर सबकी फेवरेट जगह थी. ऐसे में कश्मीर में भी भव्य फिल्मसिटी बनाई जा सकती है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने राज्य में फिल्मसिटी बनाए जाने की घोषणा कर दी है. ऐसे में अन्य जगहों पर भी इसका निर्माण किया जा सकता है.’ Also Read - जम्मू-कश्मीर के लिए नए भूमि कानून के खिलाफ पीडीपी का विरोध, कई हिरासत में लिए गए

गौरतलब है, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लगभग एक हजार एकड़ में फिल्म सिटी का निर्माण होगा और अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों के मार्गदर्शन में इसका निर्माण कार्य शुरू होगा. योगी सरकार ने आगामी 2 से 3 साल के अंदर इस परियोजना के पूरे होने की संभावना जताई है.