नई दिल्ली/मुंबई. उत्तर भारत के तीन राज्य हारने के बाद एनडीए की दूसरी पार्टियों ने बीजेपी को लेकर बयानबाजी शुरू कर दी है. पहले रालोसपा फिर लोजपा और अब रिपोर्ट्स के मुताबिक शिव सेना कड़ा रुख अपनाने जा रही है. पार्टी चाहती है कि राज्य के चुनाव भी लोकसभा के साथ ही कराए जाएं. खास बात है कि संख्या और आंकड़ों को देखें तो साल 2014 विधानसभा चुनाव के अनुसार बीजेपी 160 सीटों पर दावा कर सकती है, जहां वह जीती है या नंबर दो पर रही है. Also Read - GHMC Election 2020: हैदराबाद में बोले अमित शाह- जीएचएमसी चुनाव में जीत होने के बाद हैदराबाद बनेगा आईटी केंद्र, खत्म होगी निजाम संस्कृति

बता दें कि मंगलवार की रात को बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ एक गेस्ट हाउस में लंबी बातचीत की थी. सूत्रों के अनुसार, शिवसेना के कुछ विधायकों ने बीजेपी के मंत्रियों को सूचना दी है कि पार्टी चाहती है कि विधानसभा चुनाव जल्दी हों और वह अप्रैल में ही लोकसभा चुनावों के साथ हो जाएं. खास बात ये है कि पहले सूचना थी कि अमित शाह पार्टी के विधायकों से भी मिलेंगे, लेकिन बाद में इस कार्यक्रम को कैंसिल कर दिया गया. Also Read - Urmila Mantondkar will join Shiv Sena: कांग्रेस का साथ छोड़ शिवसेना के साथ नई राजनीतिक पारी शुरू करेंगी उर्मिला मातोंडकर

सीएम ने नेताओं से की बात
हालांकि, बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वरशा बंगले पर बीजेपी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है. उन्होंने तीन राज्यों में बीजेपी की हार के बाद बने माहौल और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की. डीएनए के सूत्रों के मुताबिक, इसमें पहले चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई और नेताओं से तैयार रहने को कहा गया है. Also Read - मैं पार्टी में जाति, धर्म आधारित प्रकोष्ठ के पक्ष में नहीं हूं: नितिन गडकरी

ये रहा है समीकरण
शिवसेना को उम्मीद है कि समय से पहले विधानसभा चुनाव की घोषणा हो जाती है तो उसे 155 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है. खास बात है कि बीजेपी 122 सीट जीत चुकी है और 1 सीट राष्ट्रीय समाज पार्टी जीती थी. वहीं, 60 बीजेपी के कैंडिडेट दूसरे नंबर पर थे. वहीं, शिवसेना के पास सिर्फ 60 सीट है.