मुंबई. भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने रविवार को कहा कि नरेंद्र मोदी नीत सरकार को साहस दिखाना चाहिए और अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण शुरू करना चाहिए. शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने पार्टी के मुखपत्र ‘‘सामना’’ में एक आलेख में कहा है कि यदि मुसलमान अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की इजाजत देते हैं तो यह वोट बैंक की राजनीति को खत्म कर देगा. Also Read - कोरोना संकट के बीच अयोध्‍या में शनिवार से शुरू होगी रामलीला, राजनीतिक और बॉलीवुड कलाकार लेंगे हिस्सा

गौरतलब है कि रामजन्मभूमि – बाबरी मस्जिद विवाद का मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है. सामना के कार्यकारी संपादक राउत ने कहा कि यह आशंका कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू होने पर दंगे हो जाएंगे, बेबुनियाद है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को कुछ साहस दिखाना चाहिए और एक अध्यादेश ला कर राम मंदिर का निर्माण शुरू करना चाहिए. Also Read - Bihar Assembly Elections: बिहार में लगभग 50 सीटों पर लड़ेगी शिवसेना, यह होगा चुनाव चिह्न

राउत ने दलील दी कि यहां तक कि ईरान और पाकिस्तान जैसे देशों में मस्जिदों को ढहाने के उदाहरण रहे हैं. इस सच्चाई को मुसलमानों को स्वीकार करना चाहिए. जिस दिन यह हो जाएगा, यह वोट बैंक की राजनीति को तगड़ा झटका होगा. उन्होंने भाजपा नेता सुब्रहमण्यम स्वामी का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भगवा पार्टी लोकसभा चुनाव जीतने के लिए अयोध्या कार्ड खेल सकती है. Also Read - कंगना पर निशाना, शिवसेना ने पूछा- पूर्व CBI चीफ की 'आत्महत्या’ की वजह जानने में किसी की क्‍यों रुचि नहीं?

राउत ने कहा, स्वामी ने कहा है कि देश मुश्किल समय से गुजर रहा है. मोदी सरकार नाकाम रही है लेकिन वे हिंदू कार्ड खेल कर चुनाव जीतेंगे. उन्होंने कहा कि यदि भारतीय मुसलमान बाबरी विवाद 2019 से पहले खत्म करने का फैसला करते हैं, तो यह भारत के लिए नयी सुबह होगी.