नई दिल्लीः चुनाव नतीजों के बाद से ही भाजपा और शिवसेना के बीच तल्खियां बढ़ती जा रही थी. दोनों पार्टियों के बीच की तकरार अब पूरी तरह से सामने आ चुकी है. सत्ता के लिए मची जद्दोजहद के बीच शिवसेना की तरफ से बड़ा ऐलान किया गया है. एक सवाल के जवाब ने शिवसेना नेता संजय राउत ने बयान दिया है कि वह संसद सत्र से पहले NDA की बैठक में भाग नहीं लेगी. संजय राउत ने शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद यह निर्णय लिया.

आपको बता दें कि आगामी 18 नवंबर से संसद सत्र शुरू होने जा रहा है और यह 13 दिसंबर तक चलेगा. इस संसद सत्र से पहले दिल्ली में एनडिए अपनी रणनीति तैयार करने के लिए बैठक करेगी. इस मुद्दे पर जब शिवसेना नेता संजय राउत से पूछा गया गया कि क्या पार्टी दिल्ली की बैठक में भाग लेगी तो उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया.

वहीं, महाराष्ट्र में सरकार बनाने की कोशिशों पर शिवसेना नेता ने कहा कि हमारी ठीक दिशा में बात चल रही है. बता दें कि राज्य में अभी राष्ट्रपति शासन लागू है. आपको बता दें कि कल शिवसेना ने अपने बयान में कहा था कि शिवसेना पूरे पांच साल सरकार चलाएगी. संजय राउत ने कहा था कि हम पांच नहीं बल्कि 25 सार के बारे में सोच रहे हैं.

इससे पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र में सामना में भी भाजपा पर निशाना साधा था. मुख्यमंत्री पद के लिए जिद में अड़ी शिवसेना ने भाजपा को पागल तक करार कर दिया है. सामना में पार्टी ने लिखा कि जब से लोगों को इस बात की खबर मिली है कि महाराष्ट्र में शिवसेना सरकार बनाने वाली है और एक शिवसैनिक मुख्यमंत्री बनेगा तब से कुछ लोगों के पेट में खलबली मच गई है और उन्हें यह बात पच नहीं रही है. शिवसेना ने लिखा कि इससे कुछ पार्टियों के पेट में दर्द भी हो रहा है. पार्टी ने सामना में लिखा के पहले तो लोग यह कह रहे थे कि महाराष्ट्र में कौन कैसे सरकार बनाता है देखतें हैं. अब यह देखकर लोगों को पेट दर्द शुरू हो गया है.