नई दिल्ली/भोपाल. मध्य प्रदेश चुनाव के बीच शनिवार को बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. इसे व्यक्तिगत स्तर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान का नुकसान भी कहा जाता है. उनकी पत्नी साधना सिंह के सगे भाई यानी की शिवराज के साले संजय सिंह कांग्रेस ज्वाइन कर लिए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय विधानसभा का टिकट चाहते थे. लिस्ट में नाम नहीं आने के बाद उन्होंने ये फैसला लिया है.

बता दें कि शिवराज के साले संजय सिंह नीलाक्ष इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम से कंपनी चलाते हैं. यह कंपनी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. कुछ ही दिन पहले नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने उन पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय सिंह दो विधानसभा चुनाव से टिकट मांग रहे थे. बारासिवनी सीट पर वह राजनैतिक रूप से लगातार सक्रीय रहे हैं. लेकिन हर बार उनका टिकट काट दिया जाता है. बता दें कि बीजेपी ने शुक्रवार को 177 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पुरानी सीट बुधनी से ही चुनाव लड़ेंगे. खास बात ये है कि तीन मंत्रियों और 33 विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं.

कमलनाथ ने ये कहा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि संजय सिंह जिस निष्ठा से बीजेपी के साथ जुड़े रहे अब वह उसी निष्ठा से कांग्रेस के लिए काम करेंगे. मध्य प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन की जरूरत है. पिछले 50 साल से एक जैसी व्यवस्था चल रही है, जिसका बदलना बहुत जरूरी है.

संजय सिंह ने ये कहा
संजय सिंह ने कहा, मध्यप्रदेश की जनता कमलनाथ की तरफ देख रही है. कांग्रेस में स्वागत के लिए बहुत बहुत आभार. मध्यप्रदेश को शिवराज नहीं, बल्कि कमलनाथ की जरूरत है. 13 साल बहुत हो गए, अब दूसरों को मौका मिलना चाहिए. छिंदवाड़ा का जिस तरह से विकास हुआ है, वह किसी से छिपा नहीं है. वह कमलनाथ के नाम से जाना जाता है. ऐसे में अब मध्य प्रदेश भी कमलनाथ के नाम से जाना जाएगा. राज्य में बेरोजगारों के लिए कोई इंडस्ट्री नहीं है. कई इन्वेस्टर्स मीट के बाद भी कोई सार्थक परिणाम नहीं आया. बीजेपी में द्वंध चल रहा है. नामदारों को टिकट दिया जा रहा है और कामदारों को किनारे किया जा रहा है.