उत्तर प्रदेश में 2017 विधानसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए पार्टियां अपने-अपने सहयोगियों को तलाश करने लगी हैं। इसी कड़ी में अंदाजा लगाया जा रहा है कि बकरीद के बाद कौमी एकता दल और समाजवादी पार्टी का गठबंधन हो सकता है। कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अफजाल अंसारी का कहना है कि इस बारे में उनकी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से फोन पर बातचीत भी हुई है। Also Read - मुंबई पहुंचे यूपी CM योगी आदित्यनाथ, उद्धव ठाकरे बोले- महाराष्ट्र से ‘जबरन’ किसी को कारोबार नहीं ले जाने देंगे

यूपी मुख्यमंत्री अखि‍लेश यादव के चाचा शि‍वपाल यादव ने समाजवादी पार्टी में अंदरूनी घमासान की खबरों को खंडन किया है। शि‍वपाल ने कहा कि कौमी एकता दल का जल्द ही समाजवादी पार्टी में विलय होगा। इस बारे में आखि‍री फैसला नेताजी ही लेंगे। शि‍वपाल ने कहा, ‘मुझे लगता है की कौमी एकता दल का विलय जल्द ही होगा। नेताजी भी इसके लिए तैयार हो गए हैं, जल्द ही वह इस बारे में फैसला लेंगे। Also Read - UP Vidhan Parishad Election: यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में 55.47% मतदान

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मुख्तार अंसारी की वजह से कौमी एकता दल से हाथ मिलाने के सख्त खिलाफ हैं। कौमी एकता दल को लेकर उनका विरोध किसी से छिपा नहीं है और वह इसका विरोध सार्वजनिक मंच से भी कर चुके हैं, क्योंकि अखिलेश का कहना है कि पार्टी अपने काम के दम पर चुनाव जीत सकती है और उन्हें ऐसे किसी भी दल की जरूरत नहीं है। Also Read - सरकार द्वारा बनाए जा रहे धर्मांतरण कानून का पूरी तरह विरोध करेगी सपा: अखिलेश यादव

अखिलेश के कड़े विरोध और उनके तेवर को देखते हुए एक बार कौमी एकता दल से हाथ मिलाने के बाद समाजवादी पार्टी ने फैसला पलट लिया था और ऐलान किया था कि अब मुख्तार अंसारी की पार्टी से उनका कोई लेना देना नहीं है।

अखिलेश ही होंगे अगले मुख्यमंत्री

पिछले दिनों मुख्तार अंसारी और उनके भाई अफजाल अंसारी की शिवपाल यादव, आजम खान और मुलायम सिंह यादव से मुलाकात हो चुकी है। शिवपाल यादव ने यह भी कहा कि आने वाले चुनाव में चेहरा तो अखिलेश यादव का होगा, लेकिन सभी बड़े फैसले मुलायम सिंह यादव ही करेंगे। क्योंकि वही पार्टी के सबसे बड़े नेता हैं। अखिलेश का विजन सही है लेकिन उनको अनुभव में अभी और टाइम लगेगा।

सपा किसी अपराधी को नही देगी टिकट

शि‍वपाल यादव ने साफ शब्दों में कहा कि यूपी चुनाव में उनकी पार्टी ऐसे किसी व्यक्ति‍ को टिकट नहीं देगी, जो आपराधि‍क चरित्र का है। उन्होंने कहा, ‘सभी से एफिडेविट लिया जाएगा। जिताऊ और टिकाऊ कैंडिडेट को ही टिकट मिलेगा। किसी ऐसे को टिकट नहीं देंगे जो जेल में है. ‘हालांकि, उन्होंने इसके साथ ही यह भी कहा कि राजनीति में फर्जी आरोप लगाकर भी मुकदमा दर्ज करवाया जाता है।

भाजपा दंगा भड़का कर चुनाव जीतना चाहती है

पीडब्लूडी मंत्री शिवपाल यादव ने उन आरोपों का भी खंडन किया जिसमे कहा गया है कि बीजेपी के साथ समाजवादी पार्टी का गुपचुप तालमेल है। शिवपाल यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में दंगे भड़काकर चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य में कुछ ऐसे लोग हैं जो दंगा भड़काने की कोशि‍श कर रहे हैं। शामली में लोगों ने ऐसा करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि इस आरोप में कोई दम नहीं है।

उन्होनें यह भी कहा कि केंद्र सरकार सीबीआई का डर दिखाकर मुलायम सिंह यादव पर दबाव डालती है और मनचाहे काम करवाना चाहती है।

शिवपाल यादव से मुलाकात
अफजाल अंसारी के भाई और मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी ने हाल में विधानभवन में शिवपाल यादव से मुलाकात की थी। कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय के सूत्रधार शिवपाल ही थे। इस मुलाकात के बाद मुख्तार ने कहा था कि समाजवादी पार्टी से गठबंधन पर दल के अध्यक्ष अफजाल अंसारी फैसला लेंगे।

कौमी एकता दल का पूर्वी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं में खासा प्रभाव है। इसके फिलहाल दो विधायक हैं।

इन क्षेत्रों में पार्टी की हालत पहले से खराब हुयी
पूर्वी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, मऊ, बलिया और गाजीपुर में 38 में 32 सीटों पर इस वक्त समाजवादी पार्टी का कब्जा है। बाकी बची छह में से 3 सीटों पर बहुजन समाज मार्टी, दो पर कौमी एकता दल और एक पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस बार इन जिलों की ज्यादातर सीटों पर समाजवादी पार्टी की हालत कुछ ठीक नहीं है।