नई दिल्ली. मध्यप्रदेश की दो विधानसभा सीटों कोलारस और मुंगावली में इसी महीने 24 तारीख को उप चुनाव होने हैं. गुना संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली ये सीटें वैसे तो अशोकनगर और शिवपुरी जिले की हैं, लेकिन इससे एक तरफ कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की साख जुड़ी हुई है. वे पिछले कई महीनों से शिवराज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. वहीं दूसरी ओर यह चुनाव प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रतिष्ठा से भी जुड़ गया है. क्योंकि पिछले कुछ अर्से से कांग्रेस ने उनके खिलाफ माहौल बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है. बता दें कि पहले इन दोनों स्थानों पर कांग्रेस पार्टी के विधायक थे, जिनके निधन के बाद ये सीटें खाली हुई हैं. निर्वाचन आयोग के अनुसार इन दोनों सीटों पर चुनाव के लिए 30 जनवरी को अधिसूचना जारी होगी. नामांकन 6 फरवरी तक दाखिल किए जाएंगे. नामांकन पत्रों की जांच 7 फरवरी और नाम वापसी 9 फरवरी तक हो सकेगी. दोनों ही जगहों पर 24 फरवरी को मतदान होंगे और 28 को मतगणना होगी. Also Read - Rajasthan Panchayat Samiti Election Updates: जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए पहले चरण में 61.80% मतदान

चौहान की तैयारी जबर्दस्त
कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाले क्षेत्र में विधानसभा चुनाव जीतने के लिए शिवराज सिंह चौहान जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं. सिर्फ वे नहीं, बल्कि उनकी सरकार के दर्जनभर मंत्री, विधायक और पार्टी सदस्य भी क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं. इतना ही नहीं, भाजपा के कई राष्ट्रीय स्तर के नेता, केंद्रीय मंत्री भी शिवराज की प्रतिष्ठा बचाने की जंग में उनके साथ हैं. बीते दिनों सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कोलारस और मुंगावली में रोड-शो कर चुनाव में जीत का दावा किया. भाजपा के लिए इन दोनों सीटों पर जीत राजनीतिक रूप से और रणनीतिक दृष्टि से बड़ी सफलता मानी जाएगी. भाजपा अगर इन सीटों पर चुनाव जीत जाती है तो एक तरफ उसकी पार्टी का प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा, वहीं इस जीत से सरकार के खिलाफ कांग्रेस के विरोध अभियान की धार भी कुंद होगी. इसलिए शिवराज सिंह चौहान अपनी तरफ से इन उप चुनावों में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं. Also Read - प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एमपी सरकार का अनोखा कदम, अब पराली से ईधन बनाने की लगेगी यूनिट

सिंधिया का ग्राफ चढ़ेगा
कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन कर रहे हैं. अपने प्रदेशव्यापी अभियान के दौरान सिंधिया अक्सर शिवराज सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली, किसान विरोधी होने का आरोप लगाते रहे हैं. यही नहीं, सिंधिया ने अपने बयानों में यहां तक कहा है कि यह सरकार किसानों को उनका हक नहीं देती है, उन पर गोलियां चलवाती है. इसलिए जब तक इस सरकार को उखाड़ नहीं फेकूंगा, तब तक फूलों की
माला नहीं पहनूंगा. कोलारस और मुंगावली सीटों पर अगर कांग्रेस अपना कब्जा बनाए नहीं रख पाती है तो यह सिंधिया के लिए सिर्फ राजनीतिक क्षति ही नहीं होगी, बल्कि पार्टी के भीतर उनकी साख को भी प्रभावित करेगी. यह गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने आंदोलनों के कारण कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शुमार किए जाने लगे हैं. उप चुनाव में जीत पार्टी के भीतर सिंधिया के कद को और ऊंचा करेगी. Also Read - Love Jihad पर विवाद, बिहार में उठी कानून बनाने की मांग, महाराष्ट्र ने कहा-हमें जरूरत नहीं