Sushant Singh Rajput Death Case: सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया और सीबीआई को इस केस की जांच करने का आदेश दिया. कोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि ये न्याय की जीत है. उनके इस बयान पर अब शिवसेना ने बिहार सरकार पर निशाना साधा है. शिवसेना के मुखपत्र सामना में गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखी टिप्पणी की गई है तो वहीं बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय पर भी मुखपत्र के जरिए हमला बोला गया है.Also Read - SC On Farmers Protest: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- किसानों को प्रदर्शन का हक, लेकिन सड़के नहीं कर सकते बंद

नीतीश कुमार ने ऐसे कहा जैसे विधानसभा चुनाव ही जीत गए हों Also Read - Lakhimpur Kheri Violence Case: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की योगी सरकार को लगाई कड़ी फटकार, रात तक करते रहे इंतजार....

शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखा गया है कि सु्प्रीम कोर्ट के फैसले से महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों के कुछ लोग बहुत खुश हैं. नीतीश कुमार ने सुशांत सिंह राजपूत मामले को लेकर ‘न्याय और सत्य’ की बात कहते हुए अपनी प्रतिक्रिया कुछ इस प्रकार दी है कि मानो उन्होंने बिहार विधानसभा का चुनाव ही जीत लिया हो…. Also Read - सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने कहा- अदालतों पर भरोसे का संकट, लोगों को न्याय मिलना चाहिए

बिहार के डीजीपी ज्यादा उत्साहित थे, उनका बयान सच नहीं है

सामना में आगे लिखा है – सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय पत्रकारों से बोले, ‘ये न्याय की अन्याय पर जीत है. उन्होंने भाजपा का झंडा हाथ में लेकर पत्रकारों से बात नहीं की, बस इतना ही बाकी रह गया था. इसके अलावा बिहार डीजीपी ने कहा कि सुशांत मामले में मुंबई पुलिस सही दिशा में जांच नहीं कर रही है. बिहार पुलिस की जांच में अड़ंगे डाले जा रहे हैं. उनका ये बयान सच नहीं है.

बिहार के कई मामले सीबीआई को सौंपे गए, क्या हुआ उन मामलों का…
सामना में बिहार के कई मामलों का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि राज्य में कई खून और हत्याओं के मामले सीबीआई को सौंपे गए. लेकिन उनमें से कितने असली आरोपियों को सीबीआई अब तक पकड़ पाई है? ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड, मुजफ्फरपुर का नवरुणा हत्याकांड , सिवान में पत्रकार राजदेव रंजन हत्या कांड का हवाला देकर सामना में लिखा गया है कि सीबीआई जांच जारी है मगर आज तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है.