नई दिल्ली: महाराष्ट्र में शिवसेना ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. समर्थन देने से पहले शिवसेना ढाई-ढाई साल सरकार वाले फॉर्मूले पर अड़ गई है. अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना ने ये फैसला लिया है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह या देवेंद्र फडणवीस लिखित में आश्वासन दें कि ढाई-ढाई साल की सरकार हो. यानी ढाई साल बीजेपी का और ढाई साल शिवसेना का सीएम हो. वहीं, मुंबई में आदित्य ठाकरे को सीएम बनाने की मांग के होर्डिंग तक लगा दिए गए हैं. शिव सेना कार्यकर्ताओं ने होर्डिंग ठाकरे के घर के बाहर ही लगाए हैं.

विधायक दल की मीटिंग के बाद शिवसेना के नेता प्रताप सरनाईक ने साफ कहा कि हम लिखित में आश्वासन चाहते हैं, तभी बीजेपी को सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया जाएगा. नतीजे आने के बाद ही देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि सरकार उसी तरह से बनेगी, जिस तरह से गठबंधन के दौरान शिवसेना से बात हुई थी.

हरियाणा में जेजेपी के समर्थन से बीजेपी सरकार बनाने जा रही है, लेकिन महाराष्ट्र में भी आए अप्रत्याशित चुनाव नतीजों ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. 2014 में अपनी दम पर सरकार बनाने वाली बीजेपी इस बार बिना किसी पार्टी के समर्थन के सरकार नहीं बना सकती. ऐसे में इस बार 105 सीटों पर सिमटी बीजेपी के सामने शिवसेना के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है. शिवसेना को 57 सीटें मिली हैं. शिवसेना पहले भी कहती रही है कि सरकार में उनकी भूमिका 50-50 की होगी. शिवसेना के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने वाली बीजेपी को उम्मीद थी कि वह बहुमत लायक सीटें जुटा लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.

वहीं, कांग्रेस भी इस सियासी हलचल पर पूरी नजर बनाए हुए है. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि गेंद अब बीजेपी के पाले में है कि वो पांच साल सरकार में रहना चाहती है या नहीं. अगर शिवसेना समर्थन के लिए कांग्रेस के पास आती है तो हम पार्टी हाईकमान से इसे लेकर बातचीत करेंगे. हालाँकि कांग्रेस ने कई अन्य सीनियर लीडर और खुद एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार इस सम्भावना से साफ़ इंकार कर चुके हैं. उनका कहना है कि ये वैचारिक रूप से बिल्कुल ठीक नहीं होगा.