नई दिल्ली: शिवसेना (Shivsena) महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस से समर्थन लेने के लिए तैयार है. आदित्य ठाकरे राज्यपाल से मिल लिए हैं. हालांकि कांग्रेस ने अभी तक अपना रुख पूरी तरह से स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस शिवसेना को समर्थन देगी. स्थिति ये है कि पिछले 30 साल से बीजेपी के साथ मिलकर हिंदुत्व की राजनीति करती आ रही शिवसेना अब एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश में है. ‘मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा’ की ज़िद पर अड़े उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से नाता तोड़ने के फैसले को लेकर कुछ दिनों पहले तक सोचा भी नहीं गया था.

वहीं, महाराष्ट्र में चल रही ये रस्साकसी ट्विटर के टॉप ट्रेंड में है. सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा हो रही है. ट्विटर पर महाराष्ट्र को लेकर कई तरह के ट्वीट ट्रेंड में हैं. वहीं, इनमें से एक ये भी सबसे ऊपर ट्रेंड में है, जिसमें बाला साहेब का नाम जोड़ा गया है. ये ट्वीट ‘शिवसेना ने बाला साहेब को धोखा दिया’  (#shivsenacheatsbalasaheb) है. एक ट्वीट ‘शिवसेना ने महाराष्ट्र को धोखा दिया’ #ShivSenaCheatsMaharashtra  भी है. ट्विटर यूजर बाला साहेब की उन बातों और बयानों को पोस्ट कर रहे हैं, जिसमें बाला साहेब ठाकरे कांग्रेस और सोनिया गांधी की तीखी आलोचना किया करते थे.

हम सरकार बनाना चाहते हैं, लेकिन राज्यपाल ने और समय नहीं दिया: आदित्य ठाकरे

बता दें कि 2019 विधानसभा चुनाव शिवसेना और बीजेपी साथ मिलकर लड़े थे, लेकिन चुनाव के बाद बीजेपी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिलने पर शिवसेना 50-50 फॉर्मूले पर सरकार बनाने को लेकर अड़ गई. शिवसेना का कहना था कि बीजेपी लिखित आश्वासन दे कि ढाई साल तक सीएम शिवसेना का भी होगा. बीजेपी इसे लेकर राजी नहीं हुई और शिवसेना ने गठबंधन तोड़ दिया. और अपने धुर प्रतिद्वंदी एनसीपी और कांग्रेस से सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा. एनसीपी और कांग्रेस इसके लिए तैयार भी हैं.

आज शाम ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर सरकार बनाने की इच्छा जताई. उन्होंने राज्यपाल से स्थाई सरकार गठन के लिए और समय मांगा. आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल से बात करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “हमने कहा कि हम सरकार बनाने के लिए तैयार हैं. हमने उनसे कम से कम 2 दिन का समय मांगा, लेकिन हमें समय नहीं दिया गया. हालांकि उन्होंने हमारे दावे (सरकार बनाने के लिए) को अस्वीकार नहीं किया लेकिन समय नहीं दिया. हम राज्य में सरकार बनाने के प्रयासों में लगे रहेंगे.”