नई दिल्ली: लोकसभा में गुरूवार को शिवसेना ने अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा उठाया और कहा कि मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए सरकार अध्यादेश लाए. भाजपा की सहयोगी पार्टी के सदस्य आनंद राव अड्सुल ने शून्यकाल के दौरान सदन में राम मंदिर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार को साढ़े चार साल बीत गए और अब तक मंदिर को लेकर कोई पहल नहीं की गई. Also Read - राहुल गांधी की नाराजगी को भी कमलनाथ ने नहीं दी 'तवज्जो', 'आइटम' वाले बयान पर माफी मांगने से इनकार

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उन्होंने कहा कि पहले की भाजपा सरकारें कई सहयोगी दलों पर निर्भर थीं, लेकिन इस सरकार के पास पूर्ण बहुमत है और उसे राम मंदिर पर विलंब नहीं करना चाहिए. शिवसेना सदस्य ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में राम मंदिर के निर्माण की बात की है. इस सरकार को साढ़े चार साल हो गए हैं और पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे भी सामने हैं. ऐसे में सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए. बता दें कि भाजपा के सहयोगी दल शिवसेना ने मंगलवार को शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही कहा था कि अगर सरकार अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण के लिए विधेयक लेकर नहीं आती है तो वह शीतकालीन सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही नहीं चलने देगी. शिवसेना के लोकसभा सदस्य चंद्रकांत खैरे ने बताया कि उन्होंने शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में ये बात कही थी.

शिवसेना ने संसद में उठाया राममंदिर का मुद्दा, राउत बोले- हर हिन्दू की यही पुकार, पहले मंदिर फिर सरकार

शिवसेना के सदस्यों ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की मांग करते हुए बुधवार और बृहस्पतिवार को भी लोकसभा में नारेबाजी और हंगामा किया. पार्टी सदस्यों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिन पर ‘हर हिंदू की यही पुकार, पहले मंदिर फिर सरकार’ नारा लिखा हुआ था. पार्टी सदस्यों ने बुधवार को संसद भवन परिसर में इसी मुद्दे पर धरना दिया था और आज भी राम मंदिर का मुद्दा उठाते हुए सरकार से इस पर विधेयक लाने की मांग की. (इनपुट एजेंसी)