नई दिल्ली/मुंबई. लोकसभा चुनाव से छह महीने पहले राम मंदिर का मुद्दा गर्मा गया था. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद जैसे तमाम हिंदू संगठन इस मुद्दे पर लामबंद होने लगे थे. इस मामले को लेकर सरकार से अध्यादेश लाने तक की मांगें उठने लगी थीं. लेकिन सियासी हालात ऐसे बने कि चुनाव से चार महीने पहले इस मुद्दे को ठंडा कर दिया गया. उस समय कहा गया कि मंदिर मुद्दे का लाभ कोई राजनीतिक दल न उठा सके, इसलिए मामले पर लोकसभा चुनाव के बाद बात होगी. अब जबकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरी बार NDA की सरकार बन चुकी है, तो एक बार फिर इस मामले पर सुगबुगाहट शुरू हो गई है. स्वामी रामदेव और सुब्रमण्यम स्वामी के बाद अब राजग के प्रमुख सहयोगी दल शिवसेना ने ही इस मुद्दे को उठाया है.

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एक दिन पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या का दौरा करने की खबरें आई थीं. अब गुरुवार को शिवसेना नेता संजय राऊत का इस संबंध में बयान आ गया है. राऊत ने अपने बयान में कहा है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी ने अकेले दम पर 303 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की है. शिवसेना को 18 सीटों पर जीत मिली है. राजग में शामिल सभी दलों ने सम्मिलित रूप से 350 से ज्यादा सीटें हासिल की हैं, अब अगर राम मंदिर न बना तो देश की जनता का हम पर से विश्वास उठ जाएगा. संजय राऊत ने अपने बयान में कहा है, ‘मुझे लगता है कि अब वह समय आ गया है जबकि राम मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया जाना चाहिए. क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो देश की जनता का राजग पर से विश्वास उठ जाएगा.’ शिवसेना के दिग्गज नेता संजय राऊत ने अपने बयान में आगे कहा, ‘भाजपा ने लोकसभा चुनाव में 303 सीटों पर जीत हासिल की, शिवसेना को 18 सीटें मिलीं. राजग ने 350 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की. मंदिर निर्माण के लिए इससे ज्यादा और कितनी सीटें चाहिए?’

संजय राऊत का बयान आने से एक दिन पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की तरफ से खबर आई थी कि वे पार्टी के सभी 18 लोकसभा सदस्यों के साथ संसद का आगामी सत्र शुरू होने से पहले अयोध्या की यात्रा करेंगे. ठाकरे ने पिछले साल नवंबर में भी अयोध्या की यात्रा की थी और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने की मांग की थी. उस वक्त शिवसेना का अपने सहयोगी दल भाजपा के साथ तनावपूर्ण संबंध था. बाद में शिवसेना ने लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ गठबंधन कर लिया लेकिन कहा कि उसके लिए राम मंदिर एक अहम मुद्दा है.

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उद्धव ठाकरे और शिवसेना के सभी 18 सांसदों के अयोध्या दौरे को लेकर संपर्क किए जाने पर ठाकरे के करीबी सहयोगी एवं शिवसेना के मीडिया प्रभारी हर्षल प्रधान ने कहा, ‘‘यह सच है कि ठाकरे ने अयोध्या की यात्रा करने का फैसला किया है. 17 जून से शुरू हो रहे संसद के सत्र से पहले यात्रा की योजना है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस यात्रा के बारे में जल्द ही घोषणा की जाएगी. उद्धवजी इस यात्रा और पार्टी के रुख के बारे में विस्तार से बताएंगे.’’ आपको बता दें कि राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर पीएम मोदी लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए कई साक्षात्कार में कह चुके हैं कि इस मामले का निर्णय संवैधानिक दृष्टि से किया जाएगा. वहीं, कई तटस्थ संगठन इस मुद्दे पर आपसी बातचीत के आधार पर निर्णय लेने की बात कहते रहे हैं. भाजपा के कई नेताओं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य हिंदूवादी संगठन सरकार से लगातार मांग करते रहे हैं कि इस मामले पर जल्द से जल्द निर्णय लिया जाए.

(इनपुट – एजेंसी)