श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ बकरीद के दिन श्रीनगर में एक दरगाह में ईद की नमाज के दौरान नारेबाजी की गई. उनके साथ धक्कामुक्की की गई और उन पर जूते तक फेंके गए. इमाम द्वारा हजरतबल दरगाह में ईद की नमाज शुरू कराए जाने से पहले ही अब्दुल्ला को अपने खिलाफ नारेबाजी का सामना करना पड़ा.Also Read - Shopian Encounter Update: जम्मू-कश्मीर में दिनभर चले एनकाउंटर में मारे गए तीन आतंकी

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कई युवाओं ने उन पर जूते फेंकने भी शुरू कर दिए. इससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके चलते फारूक को मजबूरन नमाज स्थल से वापस लौटना पड़ा. इस दौरान यहां भारी अफरातफरी का माहौल बन गया. इस घटना के बाद अब्दुल्ला ने कहा, मैं डरने वाला नहीं हूं. अगर ये समझते हैं कि इससे आजादी आएगी तो मैं इनको कहना चाहता हूं कि पहले बेगारी, बीमारी और भुखमरी से आजादी पाओ. उन्होंने कहा कि ये देश हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी का है जो यहां रहते हैं. साथ ही उन्होंने आज के हालात में भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत की भी अपील की.

फारूक अब्दुल्ला को एक कार्यक्रम में भारत माता की जय का नारा लगाने के कारण इस कदर विरोध झेलना पड़ा है. दरअसल, 21 अगस्त को पूर्व पीएम दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित सर्वदलीय प्रार्थना सभा में अपने भाषण के दौरान अब्दुल्ला ने अटल को याद करते हुए भारत माता की जय के नारे लगाए थे. उन्होंने अटल को शांति का पैरोकार बताते हुए कश्मीरियों का सच्चा दोस्त बताया था. भाषण के अंत में उन्होंने भारत माता की जय के नारे लगाए थे. इसी का विरोध उन्हें बकरीद के दिन झेलना पड़ा.

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इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी और प्रमुख बीजेपी नेताओं सहित तमाम दलों के नेता और समाज के प्रबुद्ध लोग भी शामिल थे. कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आजाद यहां पहुंचे थे. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी प्रार्थना सभा में शिरकत की थी. सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने वाजपेयी से जुड़ी यादों को साझा किया था.

(IANS इनपुट)