सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर महबूबा से मिले थे शुजात बुखारी: पूर्व आईबी प्रमुख

दुलत ने सवाल किया कि बुखारी ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग के साथ कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री से संपर्क किया था.

Published: June 18, 2018, 10:02 PM IST

लंदन। खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व विशेष निदेशक ए एस दुलत ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी ने कुछ दिन पहले ही सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से संपर्क किया था. बुखारी की पिछले हफ्ते श्रीनगर में हत्या कर दी गई. दैनिक अखबार ‘राइजिंग कश्मीर’ के प्रधान संपादक बुखारी की 14 जून को श्रीनगर में उनके कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. निजी सुरक्षा गार्ड के तौर पर उन्हें उपलब्ध कराये गये दो पुलिस अधिकारी भी इस हमले में मारे गये थे. सरकार ने इन हत्याओं के लिए कश्मीर में आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया था.

कुछ दिन पहले ही सीएम से मिले थे बुखारी

पिछले हफ्ते यहां पहुंचे दुलत ने एक बयान में कहा, उन्होंने (बुखारी ने) बार बार अलगाववाद, आतंकवाद में वृद्धि और व्यापक डर की बार बार चेतावनी दी थी और कहा था कि ऐसे माहौल में कोई भी सुरक्षित नहीं है. दुलत ने सवाल किया कि बुखारी ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग के साथ कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री से संपर्क किया था. किसने सोचा था कि यह भद्र व्यक्ति निशाना बन सकता है.

श्रीनगर: आतंकियों ने राइजिंग कश्मीर के एडिटर की गोली मारकर की हत्या

पूर्व खुफिया प्रमुख ने कहा, छह हफ्ते पहले इस्तांबुल में हमारी भेंट हुई थी जहां से उन्होंने पाकिस्तान की यात्रा की थी. एक पखवाड़े से अधिक समय तक यात्रा करने के बावजूद वह 23 मई को मेरी पुस्तक ‘द स्पाई क्रोनिकल्स’ के लोकार्पण के मौके पर श्रीनगर से दिल्ली आए. उन्होंने कहा कि बुखारी इस बात के प्रबल पक्षधर थे कि वार्ता ही इस स्थिति से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता है.

गोली मारकर की शुजात बुखारी की हत्या

बता दें कि आतंकियों ने 14 जून को राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वह इफ्तार की दावत में शामिल होने कहीं जा रहे थे तभी हमलावरों ने उनके ऑफिस के बाहर उन्हें निशाना बनाया. उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हमले में उनके दो सुरक्षाकर्मी भी मारे गए. इस घटना से पूरा कश्मीर हिल गया और कश्मीर में बिगड़ते हालातों को सामने लाकर रख दिया. शुजात बुखारी की पहचान एक ऐसे पत्रकार के तौर पर थी जो शांति के हिमायती थे और कश्मीर में अमन-चैन चाहते थे. वह देश-विदेश में होने वाले कांफ्रेंस में भी हिस्सा लेते थे और शांति की हिमायत करते थे. कश्मीर में जब केंद्र सरकार ने रमजान के मौके पर एकतरफा सीजफायर का ऐलान किया था, उसी दौरान ईद से दो दिन पहले आतंकियों ने उनकी जान लेकर पूरी घाटी को सकते में डाल दिया.

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