सेना के एक अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के सियाचिन ग्लैशियर में हिमस्खलन में बर्फ में दबे 10 सैनिकों के बचाव के लिए कार्रवाई जारी है। लेकिन, इनमें से किसी के भी बचने की संभावना बेहद कम है।

सेना की उत्तरी उत्तरी कमान के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एस.डी.गोस्वामी ने आईएएनएस से कहा, “सेना के विशेष दल और वायुसेना ने आज (गुरुवार को) दूसरे दिन भी बचाव अभियान जारी रखा। अभियान को और गति देने के लिए विशेष उपकरणों को विमान से लेह ले जाया गया है।”

उन्होंने कहा कि माइनस 42 से माइनस 25 तक के तापमान वाले इस इलाके में बचाव दल प्रतिकूल मौसम और माहौल का सामना करते हुए सैनिकों की तलाश के प्रयास में लगे हुए हैं।

उन्होंने कहा, “लेकिन, बेहद तकलीफ के साथ हम यह कह रहे हैं कि इन लापता सैनिकों में से किसी के भी जिंदा बचने की उम्मीद अब बेहद कम है।”

गोस्वामी ने कहा कि सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी.एस. हुड्डा ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। हुड्डा ने कहा कि वह सलाम करते हैं उन सैनिकों को जो सीमाओं की रक्षा करते हैं और फर्ज के लिए जान कुर्बान कर देते हैं।