Corona Vaccine: पूरी दुनिया अभी कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रही है. इसके लिए सभी देश कोरोना वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस दौर में रूस सबसे आगे है और उसकी कोरोना वैक्सीन Sputnik V पर सबकी नजरें टिकी हैं, लेकिन, इसके ट्रायल पर बार-बार सवाल खड़े हो रहे हैं. Sputnik V की क्षमता पर एक बार फिर से सवाल उठने शुरू हो गए हैं.Also Read - OMICRON Variant: WHO ने कोरोना वायरस के वैरिएंट को 'ओमीक्रॉन' दिया नाम, चेतावनी जारी

सात में से एक शख्स में दिखा वैक्सीन का साइड इफेक्ट Also Read - टीके के असर को बेहद कम कर देता है दक्षिण अफ्रीका में पाया गया कोरोना का नया वैरिएंट, कई देशों ने हवाई यात्रा रोकी

Sputnik V के तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में जिन लोगों को वैक्सीन दी जा रही है, उनमें हर सात में से एक में शख्स में साइड इफेक्ट देखने को मिल रहे हैं, जिसके बाद इसपर फिर से सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बारे में खुद रूस के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि Sputnik V वैक्सीन लगाने के बाद सात वॉलंटियर्स में से एक ने इसके साइड इफेक्ट की शिकायत की है. Also Read - 15 और देशों ने भारत की Corona Vaccine को मान्यता दी, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश भी शामिल

न्यूज एजेंसी टास के मुताबिक, रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने कहा कि Sputnik V की अब तक घोषित 40,000 वॉलंटियर्स में से 300 से अधिक को Sputnik V का टीका लगाया गया है. बता दें कि रूस ने Sputnik V वैक्सीन को मॉस्को के गामालया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडिमियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के साथ मिलकर विकसित किया है.

साइड इफेक्ट दिखेंगे, ये पहले ही बता दिया गया था

‘मॉस्को टाइम्स’ को दिए गए बयान में स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल ने कहा है कि जिन वॉलंटियर्स को ये कोरोना वैक्सीन दी गई, उनमें से लगभग 14 फीसदी में साइड इफेक्ट देखने को मिले हैं. वॉलंटियर्स में दिखे इन साइड इफेक्ट्स में हल्की कमजोरी, 24 घंटे तक मांसपेशियों में दर्द और शरीर के तापमान में वृद्धि आदि शामिल हैं. हालांकि इन लक्षणों को हल्का बताते हुए उन्होंने कहा कि ये अगले ही दिन गायब भी हो गए.

टीएएसएस के अनुसार, Sputnik V वैक्सीन को लेकर मिल रहीं ये शिकायतें अनुमानित हैं और इसे पहले ही बता दिया गया था. उम्मीद की जा रही है कि वॉलंटियर्स को पहले डोज के 21 दिन के भीतर ही दूसरी खुराक भी दी जाएगी.

रूस भारत को भी करेगा 100 मिलियन डोज की सप्लाई

बता दें कि अभी Sputnik V के तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है और भारत में भी इसके ट्रायल और वितरण के लिए डॉ. रेड्डी लेबोरेटरिज से समझौता हुआ है और इसी महीने की शुरुआत में मास्को में इस वैक्सीन के फाइनल स्टेज का क्लिनिकलल ट्रायल शुरू होना है.

हाल ही में रूस के सोवरेन वेल्थ फंड ने भारत की प्रमुख दवा कंपनियों में से एक डॉ. रेड्डी लेबोरेटरिज के साथ रूसी कोविड-19 वैक्सीन Sputnik V के भारत में क्लिनिकल ट्रायल में सहयोग और वितरण के लिए समझौता किया है. रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) ने एक बयान में कहा था कि भारत में नियामक की मंजूरी पर RDIF डॉक्टर रेड्डी को वैक्सीन के 100 मिलियन डोज की सप्लाई करेगा.