सिक्किम में पहाड़ बना काल! टनल में फंसे मजदूर, भूस्खलन के बाद 8 की मौत, 19 की तलाश जारी

सिक्किम के नामची जिले में भारी बारिश के दौरान तीस्ता हाइड्रो प्रोजेक्ट की सुरंग में भूस्खलन हो गया. हादसे में 8 लोगों की जान चली गई, जबकि 19 लोगों के फंसे होने की आशंका है. खराब मौसम के बीच राहत अभियान लगातार जारी है.

Written by: Tanuja Joshi
Updated: July 21, 2026, 10:31 AM IST
  • सिक्किम के नामची में तीस्ता हाइड्रो प्रोजेक्ट की सुरंग में भूस्खलन से बड़ा हादसा हुआ.
  • अब तक आठ लोगों के शव मिले हैं, जबकि 19 लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है.
  • बारिश और कठिन पहाड़ी परिस्थितियों के बीच एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बचाव अभियान चला रही है.
  • सिक्किम सरकार पूरे राहत अभियान की निगरानी कर रही है और सभी एजेंसियां मौके पर तैनात हैं.

Sikkim Landslide: सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर बड़ा हादसा खड़ा कर दिया है. नामची जिले के समरडुंग क्षेत्र में निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में भूस्खलन होने से कई मजदूर अंदर फंस गए. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 19 अन्य लोगों के अभी भी सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है.

जानकारी के अनुसार, हादसे के समय बड़ी संख्या में कर्मचारी सुरंग के भीतर काम कर रहे थे. अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण सुरंग का रास्ता बंद हो गया और कई मजदूर अंदर ही फंस गए. बताया जा रहा है कि कुछ लोग सुरंग के भीतर करीब तीन किलोमीटर की गहराई पर मौजूद थे, जिससे राहत और बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है.

घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दमकल विभाग और अन्य विशेषज्ञ एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं. लगातार बारिश, फिसलन भरी जमीन और पहाड़ी इलाके की कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव कार्य जारी है. हालांकि, खराब मौसम के कारण शुरुआती कई प्रयास सफल नहीं हो सके, जिससे राहत अभियान की रफ्तार प्रभावित हुई.

प्रशासन के अनुसार, सुरंग में फंसे लोगों की सही स्थिति का पता लगाने में भी दिक्कत आ रही है. बचाव दल आधुनिक उपकरणों और मशीनों की मदद से सुरंग तक सुरक्षित पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता अंदर फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने की है.

इस बीच सिक्किम सरकार ने भी हादसे पर गहरी चिंता जताई है. मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि सभी संबंधित विभागों को तेजी से राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं और वो खुद पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा भी दिलाया.

हादसे के बाद शुरुआती सूचना में यह कहा गया था कि सुरंग में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. बाद में प्रशासन ने साफ किया कि ये जानकारी विभागों के बीच संचार में हुई गड़बड़ी के कारण सामने आई थी. इसके बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने पर बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया.

लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्य के समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है. सिक्किम जैसे संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं मानसून के दौरान अक्सर सामने आती हैं. ऐसे में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन और मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके.

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