नई दिल्ली. सिक्किम यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) को लागू करने वाला पहला राज्य बनेगा. यह दावा सत्ताधारी पार्टी के सांसद प्रेम दास राय ने किया है. इसके साथ ही उसने बिना शर्त सीधी नकद हस्तांतरण योजना (Unconditional direct cash transfer scheme) को भी शुरू कर दिया है. राज्य की सत्ताधारी पार्टी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) ने निर्णय लिया है कि साल 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव में वह UBI को अपने मेनीफेस्टो में रखेगा. इसके साथ ही उसकी योजना है कि इसे साल 2022 तक लागू कर दिया जाए.

साल 2017 के इकॉनमिक सर्वे ने यूबीआई स्कीम को हरी झंडी दिखाई थी. इसमें इसे वैचारिक रूप से आकर्षक विचार बताया गया है. साथ ही इसे गरीबी घटाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे है सामाजिक उत्थान कार्यक्रमों के विकल्प के रूप में दिखाया गया है.

3 साल के अंदर लागू करेंगे
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एसडीएफ सांसद प्रेम दास राय ने कहा, हमारी पार्टी और मुख्यमंत्री पवन चामलिंग यूनिवर्सल बेसिक इनकम को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि साल 2019 में सत्ता में आने के तीन साल के अंदर हम यह करके दिखाएंगे. बता दें कि पवन चामलिंग सबसे ज्यादा समय तक सीएम रहने वाले नेता हैं.

अर्थशास्त्री भी करते हैं स्कीम की तारीफ
उन्होंने आगे कहा, यूबीआई एक ऐसी स्कीम है जिसके बारे में कई अर्थशास्त्री बात करते हैं. विकासशील देशों में यह बढ़िया काम कर रहा है. भारत में भी इसका टेस्ट हुआ है और वित्तमंत्रालय ने साल 2017 की शुरुआत में इसपर चर्चा भी की है. इसे गुजरात, मध्यप्रदेश और दूसरे आदिवासी बेल्ट में बड़े पैमाने पर लागू करने की कोशिश की गई है. और यह दिखाता है कि इससे कुछ बढ़िया हो सकता है. मूलरूप से यह एक ऐसी आय है जो बिना देखे दी जाती है कि परिवार क्या कर रहे हैं.