पटियाला। पंजाब में पटियाला की अदालत ने जाने माने गायक दलेर मेहंदी को मानव तस्करी मामले में दोषी करार दिया है. अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई है. हालांकि कुछ देर में ही उन्हें जमानत पर भी मिल गई. मामला साल 2003 का है. इस मामले में 15 साल बाद ये फैसला आया है. दलेर को आपराधिक साजिश में दोषी करार दिया गया है. दलेर पर गैरकानूनी रूप से लोगों को विदेश भेजने का आरोप है. इस संबंध में दलेर के खिलाफ कुल 31 मामले पाए गए थे. बेल मिलने के बाद दलेर ने कहा कि वह उपरी अदालत में अपील करेंगे.

अदालत के फैसले के तुरंत बाद दलेर मेहंदी को गिरफ्तार कर लिया गया. पहला मामला साल 2003 में अमेरिका में दर्ज किया गया था. ज्यादातर लोग अमेरिका ही भेजे गए थे. आरोप था कि दलेर अपनी म्यूजिक टीम के साथ लोगों को विदेश भेजते थे और इसके बदले में मोटी रकम लेते थे. प्रोग्राम के बाद इन लोगों को वहीं छोड़ दिया जाता था.

2003 में पटियाला पुलिस ने जानकारी के आधार पर दलेर के भाई शमशेर मेहंदी को गिरफ्तार किया था. इनके अलावा दो और लोग मामले में आरोपी थी. लेकिन तब आश्चर्यजनक घटनाक्रम में पूरी पुलिस टीम का ही तबादला कर दिया गया था. बताया जाता है कि भारी दबाव के चलते ऐसा फैसला लिया गया था.

ये है पूरा मामला

दलेर मेहंदी पर गैर कानूनी तरीके से लोगों को विदेश ले जाने का 2003 में मामला दर्ज किया गया था. दलेर और उनके भाई शमशेर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने कुछ लोगों को अपनी मंडली का सदस्य बताकर गैरकानूनी तरीके से विदेश भेजा था. इसके लिए इन्होंने उन लोगों से भारी भरकम रकम भी वसूली की थी.

मेहंदी बंधुओं पर आरोप है कि 1998 और 1999 के दौरान वह अपनी दो मंडलियां अमेरिका ले गए थे जिसमें से मंडली के सदस्य बताकर ले जाए गए 10 लोगों को वहां गैर कानूनी तरीके से छोड़ दिया गया था. एक अभिनेत्री के साथ अमेरिकी यात्रा पर गए दलेर ने कथित तौर पर तीन लड़कियों को सैन फ्रांसिस्को छोड़ दिया था. अक्तूबर 1999 में भी दोनों भाई एक बार फिर कुछ अभिनेताओं के साथ अमेरिका गए थे और इस दौरान तीन लड़कों को न्यू जर्सी में छोड़ दिया गया था.

बख्शीश सिंह नाम के शख्स की शिकायत के आधार पर पटियाला पुलिस के दलेर और उनके भाई शमशेर के खिलाफ मामला दर्ज करते ही दलेर बंधुओं के खिलाफ धोखाधड़ी की और 35 शिकायतें दर्ज कराई गई. शिकायतों में कहा गया है कि दलेर बंधुओं ने उनसे गैरकानूनी तरीके से अमेरिका ले जाने के लिए भारी भरकम रकम वसूली थी लेकिन बाद में वे उन्हें वहां नहीं ले गए.