
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
Singer Zubin Garg death: सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में तीन महीने बाद स्पेशल जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट गुवाहाटी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश की. SIT ने 300 लोगों से पूछताछ करने के बाद 3500 पन्नों की चार्जशीट तैयार की है. इस चार्जशीट को बंद बक्से में रखकर पेश किया गया है. सीजेआएम कोर्ट जल्द ही सिंगर जुबीन गर्ग के मौत के मामले की सुनवाई कर सकती है. ऐसे में चार्जशीट रिपोर्ट खुलने के बाद सिंगर जुबीन गर्ग की मौत की वजह को लेकर खुलासा हो सकता है.
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत की जांच एसआईटी और असम सीआईडी, दोनों मिलकर कर रही है. सीआईडी ने भी बंद बक्सों में अपनी चार्जशीट दायर की. जुबीन गर्ग की मौत किसी हादसे की वजह से हुई थी या इसके पीछे कोई साजिश है. अदालत द्वारा चार्जशीट पढ़े जाने के बाद ही इस पर से पर्दा हटेगा. बता दें कि असम के जाने-माने गायक और अभिनेता जुबिन गर्ग की अचानक हुई मौत के मामले में सीआईडी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (अपराधिक साजिश), धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनने) के तहत FIR दर्ज की है. बाद में सीआईडी ने इसमें बीएनएस की धारा 103 भी जोड़ा था. बीएनएस की धारा 103, हत्या के मामले से जुड़ा है.
बता दें कि इस मामले में पुलिस ने जुबीन गर्ग के मामले में सिंगापुर में कार्यक्रम के आयोजक श्यामकानु महंत, जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, सह-गायिका अमृतप्रभा महंत, जुबीन के बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी ने हिरासत में लिया है.
जुबीन गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में स्विमिंग के दौरान स्कूबा डाइविंग करने के वक्त मौत हो गई थी. उनकी मौत की जांच एसआईटी और सीआईडी मिलकर कर रही है. जुबीन गर्ग अपने गाने और अभिनय की वजह से लोगों के दिलों में एक खास जगह रखते थे. इस घटना ने पूरे देश को गमगीन कर दिया था.
जुबीन गर्ग की मौत के मामले को लेकर जुबीन गर्ग हमेशा मुखर रहे. कुछ दिन पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि जुबिन गर्ग की मौत से जुड़ी जांच रिपोर्ट 8 दिसंबर को दाखिल की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के माध्यम से सच जनता के सामने आएगा. इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जुबीन गर्ग के मामले में आगे बढ़ने के लिए कानूनी मंजूरी दे दी है. बता दें कि यह मंजूरी विशेष रूप से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) के सेक्शन 208 के तहत दी गई है, जो भारत के बाहर हुई घटनाओं के मामलों में न्यायिक कार्रवाई से पहले केंद्र सरकार की अनुमति को अनिवार्य बनाता है.
जुबीन की आवाज ने आधुनिक असमिया संगीत को नई पहचान दी. उनके गीतों में भावनात्मक गहराई थी, जो लोगों के दिलों तक सीधा छू जाती थी. जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर को सिंगापुर में हुआ था. असम सरकार ने पहले ही यह सुनिश्चित किया था कि मामले की पूरी कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ सिंगापुर के अधिकारियों के साथ सहयोग भी किया जाएगा, ताकि मामले से जुड़ी सही जानकारी सामने आ सके.
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