Election Updates: 12 राज्यों में बढ़ाई गई SIR की समय सीमा, अब कब तक जमा कर सकेंगे फॉर्म? यहां देखें नया शेड्यूल

SIR New Dates: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू (SIR) कार्यक्रम को एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है ताकि मतदाता मतदाता सूची में अपने नामों की पुष्टि कर सकें.

Published date india.com Published: November 30, 2025 1:09 PM IST
Election Updates: 12 राज्यों में बढ़ाई गई SIR की समय सीमा, अब कब तक जमा कर सकेंगे फॉर्म? यहां देखें नया शेड्यूल

SIR Date Changed: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की समय-सीमा को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है, ताकि मतदाता आने वाले चुनावों से पहले अपनी वोटर लिस्ट में सही जानकारी सुनिश्चित कर सकें.

इस संशोधन में शामिल क्षेत्रों में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. ये आदेश SIR प्रक्रिया से जुड़ी आयोग की पहले जारी की गई अधिसूचना को अधिलिखित (supersede) करता है.

नई संशोधित टाइमलाइन

  • मतदाता सूची गणना अवधि
    अब बढ़ाकर 11 दिसंबर 2025 (गुरुवार) तक की गई
  • पोलिंग स्टेशनों का पुनर्गठन व पुनर्व्यवस्था
    11 दिसंबर 2025 (गुरुवार) तक पूरा किया जाएगा
  • कंट्रोल टेबल अपडेट व ड्राफ्ट रोल तैयार करना
    12–15 दिसंबर 2025 (शुक्रवार से सोमवार)
  • ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल जारी
    16 दिसंबर 2025 (मंगलवार)
  • दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि
    16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) तक
  • नोटिस चरण (जारी करना, सुनवाई व सत्यापन)
    16 दिसंबर 2025 से 7 फ़रवरी 2026 (शनिवार)
    इस दौरान ERO (Election Returning Officers) दावे, आपत्तियां और एन्‍यूमरेशन फॉर्म की एक साथ सुनवाई और निपटारा करेंगे

क्यों बढ़ाया गया समय?

निर्वाचन आयोग ने यह फैसला राजनीतिक दलों की चिंताओं के बाद लिया. जानकारी के मुताबिक दलों ने शिकायत की थी कि देशभर में कई जगह BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर्स) की कमी है और समय पर काम पूरा करना मुश्किल हो रहा है.

क्या है SIR?

SIR चुनाव आयोग के उस निरंतर प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत मतदाता सूचियां सटीक, अपडेट और समावेशी हों, खासकर महत्वपूर्ण राज्य चुनावों से पहले. यह विस्तार मतदाताओं को अपने विवरणों की पुष्टि करने, आपत्तियां दर्ज करने या मतदाता सूची में अपनी एंट्री में जरूरी सुधार करने के लिए अतिरिक्त समय प्रदान करता है. अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निवासियों को भविष्य में होने वाले चुनावों में मतदान का अवसर गंवाने से बचने के लिए विस्तारित कार्यक्रम का लाभ उठाना चाहिए.

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