बेंगलुरु: पत्रकार गौरी लंकेश की बहन कविता लंकेश ने स्वयंभू साइबर विशेषज्ञ एवं हैकर सैयद शुजा द्वारा किए गए इस दावे को खारिज किया कि लंकेश की इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि वह इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) हैकिंग पर एक लेख लिखने की योजना बना रही थीं. कविता लंकेश ने कहा, ”मैं इससे अवगत हूं और मेरा मानना है कि यह पूरी तरह से झूठ है. मैं नहीं मानती कि यह सच है. मुझे नहीं पता कि ऐसा इस तरह से क्यों कहा गया. मैं यह बिल्कुल भी नहीं मानती कि मेरी बहन को इसके लिए निशाना बनाया गया.”

बता दें कि गौरी लंकेश की 5सितम्बर 2017 की शाम में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने 16 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है जबकि दो संदिग्ध फरार हैं. पुलिस ने दावा किया है कि वामपंथ की तरफ झुकाव रखने वाली पत्रकार लंकेश की हत्या करने वाला एक दक्षिणपंथी सिंडिकेट दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था की ओर से लाए गए साहित्य से प्रेरित था और उसने लंकेश की हत्या ‘दुर्जन’ होने के लिए की, जैसा पुस्तक में उल्लेख किया गया था.

हालांकि, इस कहानी को अलग मोड़ देते हुए सैयद शुजा नाम के एक व्यक्ति ने कहा कि वह लंकेश से मिला था और जब उनकी हत्या हुई उस समय वह चाहती थीं कि उनके साप्ताहिक में ईवीएम पर एक लेख प्रकाशित हो. कविता ने कहा, ”हत्या एक राजनीतिक षड्यंत्र था, लेकिन मेरा इस तरह के खुलासे में विश्वास नहीं है. अभी तक जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है.”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मानती हैं कि इन दावों के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य हैं, उन्होंने कहा, ”मुझे ऐसा लगता है. यह फर्जी खबर है. मैं इसमें पड़ने की जरूरत नहीं है.” चुनाव अयोग ने दिल्ली पुलिस में एक शिकायत देकर सैयद शुजा के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा है. सैयद शुजा ने सोमवार को लंदन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि ईवीएम हैक की जा सकती है और 2014 के लोकसभा चुनाव में धांधली की गई थी.